अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। भाजपा कार्यालय पर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की 92वीं जयंती मनाई गई। महानगर अध्यक्ष हेमंत परिहार ने कहा कि राम मंदिर के लिए कल्याण सिंह ने सरकार तक को त्याग दिया। तब उन्होंने कहा था कि प्रभु श्रीराम के लिए ऐसी कई सरकारें कुर्बान।
सदर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि कल्याण सिंह ने कहा था कि मुझे ढांचा गिरने का न दुख है, न प्रायश्चित। छह दिसंबर 1992 राष्ट्रीय शर्म का नहीं, राष्ट्रीय गर्व का दिन है। रविंद्र शुक्ल ने कहा कि मंदिर के निर्माण और दीपोत्सवों में दिखती नई अयोध्या आज भी तीन दशक पुरानी अपनी तारीख याद करती है तो जेहन में तमाम स्मृतियां कई नाम लेकर आती हैं। जय श्रीराम का शोर, मंदिर यहीं बनाएंगे के नारे और कारसेवकों के जोश देखने वाली अयोध्या को एक चेहरा आज भी एक महानायक के रूप में याद है। उस शख्स का नाम है कल्याण सिंह। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, एमएलसी रमा निरंजन, उदयन पालीवाल, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सुधीर सिंह, अमर सिद्ध, भूपेंद्र आर्य, अंकुर दीक्षित, संजीव अग्रवाल लाला, मोहन सिंह यादव, राजकांतेश वर्मा, जगदीश कुशवाहा, राजकुमार राजपूत, दिंगत चतुर्वेदी, अंकुर दीक्षित, शैलेंद्र प्रताप सिंह, प्रियांशु डे, सौरभ मिश्रा मौजूद रहे।