राजू कमरया अपहरणकांड के तीन आरोपियों को एसटीएफ व कोतवाली पुलिस ने स्टेशन से दबोच लिया। इसमें एक बदमाश ने राजू कमरया का मोबाइल लेकर मुंबई से फोन कर फिरौती मांगी थी। साथ ही तीनों ने अपहरणकांड में अजय जडेजा के साथ मिलकर भूमिका निभाई थी। पुलिस पकड़े गए बदमाशों से नेटवर्क खंगालने में जुटी हुई है।
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष 12 जुलाई की रात्रि कोतवाली के डरू भौंडेला निवासी राजू कमरया व उनके मित्र राहुल अग्रवाल का अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद 26 जुलाई की रात्रि यूपी एसटीएफ सहित झांसी पुलिस ने आगरा से मुठभेड़ के दौरान दोनों व्यापारियों को सकुशल बरामद कर लिया था। कुछ दिन बाद पुलिस ने अपहरकांड कांड में शामिल हाथरस के मुरसान थाना क्षेत्र के महामोनी गांव का रहने वाला विनोद जाट और उसके साथी लोकेंद्र को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ कर कई अन्य बदमाशों को भी गिरफ्तार किया था।
मंगलवार को एसटीएफ के इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा और कोतवाल अजय पाल सिंह ने राजू कमरया अपहरणकांड में शामिल जिला हापुड़ के थाना सिंम्भावली अंतर्गत गांव कुराना निवासी सतेंद्र उर्फ बब्बल प्रधान, बल्लभगढ़ के मथुरा रोड संजय कॉलोनी निवासी भूपेंद्र मलिक और जिला बुलंदशहर के थाना बीबीनगर के गांव अहमदानगर निवासी नेत्रपाल उर्फ नीतू को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार पकड़ा गए भूपेंद्र मलिक ने राजू कमरया का अपहरण करने के बाद उनका फोन मुंबई ले जाकर फिरौती की रकम मांगी थी। नेत्रपाल उर्फ नीतू कुख्यात बदमाश अजय जडेजा के पारिवारिक काम देखता था। सत्येंद्र पर संगीन धाराओं में पन्द्रह मामले दर्ज हैं। आगरा, हरियाणा और राजस्थान में कई आपराधिक घटनाओें को भी अंजाम दे चुके हैं।