लालच में फंस गए थे माधव और राहुल
परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने माधव की आढ़त पर आने-वाले कमल उर्फ मामा (34) पुत्र करंजू महाराज निवासी घुरारा टीकमगढ़ एवं किशोरीलाल (38) पुत्र बलगुट्टे कुशवाहा निवासी पठा को गिरफ्तार कर लिया। कमल खुद को तांत्रिक बताता था। अकसर वह गांव में तंत्र क्रियाएं करता था। इसी दौरान उसकी माधव एवं राहुल से जान-पहचान हो गई। वह उसकी आढ़त पर आने लगा। माधव को उसने तंत्र विद्या के सहारे रकम दोगुना करने का झांसा दिया। उसकी बातों में माधव एवं राहुल फंस गए।
कमल ने 16 अप्रैल की रात से पठा के जंगलों में बुलाया। तंत्र कर्म के लिए 50 हजार रुपये भी लेकर आने को कहा। अपने भाई के शादी का कार्ड बांटने के बहाने माधव अपनी कार में राहुल के साथ वह बताई हुई जगह पहुंच गया। माधव ने अपनी मां से 50 हजार रुपये भी लिए थे। यहां कमल के साथ किशोरी लाल पहले से मौजूद था। इन दोनों ने बहाने से दोनों युवकों की हत्या कर दी। वहां से पचास हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
खुद को बेसहारा बताते हुए की छोड़ने की अपील
पुलिस ने दोनों के खिलाफ 11 जुलाई 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। आरोपियों ने खुद को गरीब एवं बेसहारा बताते हुए छोड़ने की अपील की। कोर्ट ने दोनों पर लगाई गई आईपीसी की धाराओं को सही पाया। अपने आदेश में कोर्ट ने कमल उर्फ मामा एवं किशोरीलाल को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास समेत 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।