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Jhansi: बांग्लादेशी होने का शक...खंगाला जा रहा नगर निगम के 875 कर्मियों का रिकॉर्ड, पुलिस कर रही सत्यापन

Mon, 24 Nov 2025 06:24 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

यूपी सरकार के बांग्लादेशी घुसपैठियों के शिनाख्त करने के निर्देश के बाद झांसी पुलिस भी हरकत में आ गई है। पुलिस ने थानेवार सत्यापन आरंभ कराया है। नगर निगम के 875 आउटसोर्स सफाई कर्मियों की छानबीन शुरू कराई गई है।
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नगर निगम, झांसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी सरकार के बांग्लादेशी घुसपैठियों के शिनाख्त करने के निर्देश के बाद झांसी पुलिस भी हरकत में आ गई है। पुलिस ने थानेवार सत्यापन आरंभ कराया है। नगर निगम के 875 आउटसोर्स सफाई कर्मियों की छानबीन शुरू कराई गई है। एलआईयू भी उनके ब्योरे खंगालने में जुटा है।
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एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति का कहना है कि अलग-अलग टीमें लगाकर इसी सप्ताह सत्यापन पूरा कराके रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। शासन को कुछ दिन पहले मिले इनपुट से पता चला कि घुसपैठ कर यहां रहने वाले लोगों ने न सिर्फ पहचान पत्र बनवा लिए बल्कि फर्जीवाड़ा करके वोटर आईडी कार्ड भी बनवा लिया है। छोटे-मोटे काम करके ये लोग मूल आबादी के साथ घुल-मिल रहे हैं, इनमें कई नगर निगम में सफाई कर्मी बन गए। इस इनपुट पर सरकार ने सभी निगमों में कार्यरत सफाई कर्मियों के सत्यापन के निर्देश जारी किए। अब पुलिस ने झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहने वाले सफाई कर्मी के वेश में मौजूद रोहिंग्या व बांग्लादेशियों को तलाशने के लिए अभियान शुरू किया है।

शासन को भेजनी होगी यह जानकारी
कौन व्यक्ति बाहर से आकर यहां रह रहा है।
कौन अस्थायी रूप से रह रहा है तथा कौन स्थायी रूप से।
किस कारण से रह रहा है।
परिवार सहित रह रहा है या अकेला।
यदि कोई अजनबी व्यक्ति रह रहा है तो उसके बारे में जानकारी जुटाएंगे।
ऐसा व्यक्ति जिसकी गतिविधियां संदिग्ध हो, इसकी जानकारी की जाएगी।
सत्यापन के दौरान विशेष रूप से सड़क किनारे, रेलवे लाइन के किनारे, नदी किनारे, खुले मैदान में, डेरे में, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को जरूर देख लिया जाए
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इन बिंदुओं पर भी होनी है जांच
बांग्लादेशियों ने अपने प्रवास को विनियमित करने के लिए कौन-कौन से अभिलेख अथवा सुविधाएं हासिल की हैं, इनमें राशन कार्ड, वोटर लिस्ट, आधार कार्ड आदि हो सकते हैं।
फर्जी अभिलेखों तथा सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले बिचौलियों और विभागीय कर्मचारियों की पहचान करके उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
झुग्गी-झोपड़ियों में आवासित बांग्ला भाषी लोगों के अवैध बांग्लादेशी नागरिक चिह्नित होने की दशा में फिंगर प्रिंट लेकर राज्य फिंगरप्रिंट ब्यूरो को भेजा जाए, इनके बारे में डाटाबेस अलग से रखा जाए।
स्थानीय स्रोतों की सहायता से भी सत्यापन कराया जाए। जिला पुलिस व एलआईयू संयुक्त रूप से इनकी पहचान करेगी।
बांग्ला भाषी कितने लोग आजीविका के लिए रिक्शा चलाने, मीट फैक्टरी में काम करने, कूड़ा-कबाड़ एवं पॉलीथिन बीनने, कॉलोनियों की सफाई करने, घरेलू सहायक के तौर पर काम करने का काम कर रहे हैं।

नगर निगम से 875 आउटसोर्स कर्मियों की सूची दी गई है। इनके सत्यापन के लिए थानेवार टीम लगाई गई है। विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की गई है। बीबीजीटीएस मूर्ति, एसएसपी
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