फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झांसी का छात्र भारत लौटा, बॉर्डर खुलने पर तीन की रोमानिया में एंट्री

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। यूक्रेन में फंसे झांसी के छात्रों के भारत लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। एक छात्र सोमवार की रात को फ्लाइट से दिल्ली पहुंच गया। जबकि, दो दिन बाद बॉर्डर खुलने पर तीन छात्र-छात्राओं को रोमानिया में एंट्री मिल गई है। हालांकि, एक छात्र अभी भी युद्ध प्रभावित इलाके में फंसा हुआ है।
विज्ञापन

विनिस्टा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई कर रहीं मास्टर कालोनी की श्रेया गुप्ता और उजहोरोड नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले शिवाजी नगर के शिवांश यादव भी यूक्रेन में फंसे हुए थे। युद्ध की आशंका के चलते श्रेया ने 25 फरवरी को यूक्रेन की राजधानी कीव से नई दिल्ली की फ्लाइट की टिकट बुक करा दी थी। श्रेया के पिता प्रमोद गुप्ता ने बताया कि इससे पहले ही युद्ध शुरू हो जाने की वजह से सभी फ्लाइट निरस्त कर दी गईं। इस कारण उनकी बेटी यूक्रेन में फंसकर रह गई। फिर एंबेसी के अधिकारियों ने उसे बस के जरिए रोमानिया बॉर्डर पहुंचाया। अब वह रोमानिया में ही है। इसके अलावा शिवांश सोमवार की रात को नई दिल्ली पहुंच गया। उसके भाई सतेंद्र ने बताया कि शिवांश मंगलवार को झांसी लौट आएगा। वहीं, नझाई बाजार के ऋतिक तिवारी और इलाहाबाद बैंक चौराहा के पास रहने वाले अखिल सिंह भी सोमवार को रोमानिया पहुंच गए। अखिल के पिता डॉ. एसएस सिंह ने बताया कि सुबह पांच बजे रोमानिया बॉर्डर खोल दिया गया। इसके बाद सभी छात्र यूक्रेन की सीमा से बाहर आ गए। वहां पर खाने-पीने का इंतजाम किया गया है। मगर दो दिनों तक उनका बेटा बॉर्डर पर खड़ा रहने की वजह से काफी थक चुका है। अभी इसकी जानकारी नहीं दी गई है, वो कब तक भारत लौट पाएगा। क्योंकि, फ्लाइट कम हैं और स्वदेश लौटने वाले छात्र ज्यादा। इसके अलावा बृजेंद्र अभी भी युद्ध प्रभावित इलाके में फंसा है। उसके परिवार के लोग काफी चिंतित हैं।
अक्षेंद्र को हंगरी से नहीं मिल पाई फ्लाइट
आतिया तालाब निवासी अक्षेंद्र बादल रविवार को ही हंगरी पहुंच गया था। उसके पिता डॉ. धर्मेंद्र बादल ने बताया कि फ्लाइट न मिल पाने की वजह से अभी वह भारत नहीं लौट पाया । हालांकि, वह पूरी तरह सुरक्षित है। हंगरी में एंबेसी के अधिकारियों ने उसके रहने और खाने की व्यवस्था की हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें