फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अग्निपथ योजना के विरोध को हल्के में ले रही झांसी पुलिस, स्टेशन के रास्तों से गायब

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। अग्निपथ योजना के विरोध में कई जगह हिंसा हो रही है। झांसी रेल मंडल में आने वाले ग्वालियर और बिरला नगर स्टेशन पर तोड़फोड़ हो चुकी है लेकिन पुलिस है कि सतर्क नहीं हो रही। झांसी रेलवे स्टेशन को जाने वाले रास्तों पर चेकिंग के लिए फोर्स लगाई गई है लेकिन पुलिस वाले बिना किसी को बताए ही गायब हो गए। एक दरोगा और तीन सिपाही ड्यूटी पर ही नहीं थे। एसएसपी ने चारों को निलंबित कर दिया है। कई दूसरे प्वाइंट पर भी ढिलाई मिली।
विज्ञापन

सोलह जून को झांसी रेल मंडल के ग्वालियर और बिरला नगर स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की गई थी। अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे युवाओं की भीड़ ने स्टेशन मास्टर के कक्ष में रेलवे के सभी उपकरण ध्वस्त कर दिए थे। ग्वालियर में भी बवाल किया था। दुकानों को फूंक दिया था। बढ़ते बवाल के बाद सभी रेलवे स्टेशनों पर पुलिस को लगा दिया गया। झांसी में भी रेलवे स्टेशन को जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस को लगाया। लेकिन पुलिस ने धीरे धीरे यहां से खुद ही हटना शुरू कर दिया है। कई जगह पुलिस दिखती ही नहीं है। एसएसपी शिवहरी मीना को भी इस प्रकार की जानकारी मिली। वह सोमवार को सुबह 7 बजे जब रेलवे स्टेशन को जाने वाले रास्तों पर लगाई गई फोर्स को चेक करने पहुंचे तो नवाबाद थाने में तैनात उप निरीक्षक प्रवीण कुमार तथा कांस्टेबल रोहित कुमार, आशुतोष पांडेय व पूजा कुमारी ड्यूटी प्वाइंट से गायब मिले। एसएसपी ने इन चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
पुलिस अलर्ट होती तो ग्वालियर में भी नहीं होता बवाल
झांसी। दरअसल उपद्रवी तोड़फोड़ और आगजनी करते रहे और पुलिस खामोश बनी रही। 16 जून को दोपहर तक ग्वालियर में बवाल होता रहा। पुलिस मौजूद रही लेकिन हाथ बांधे खड़ी रही। सूत्रों का कहना है कि आला अफसरों से कार्रवाई का आदेश नहीं था। कुछ ने तो आला अफसरों को फोन लगाकर पूछा भी मगर कोई जवाब नहीं मिला था। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ भी कोई कार्रवाई नहीं कर पाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें