ललितपुर-झांसी के 11 गांवों में पहली बार किसी मोबाइल का नेटवर्क पहुंचेगा। इसके लिए बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) ने नो नेटवर्क वाले इलाकों में 4G के नए टावर लगाए हैं। इससे इन इलाकों में लोग जल्द ही एक दूसरे से मोबाइल के जरिए संपर्क कर सकेंगे, साथ ही उनके कार्य भी अब आसान हो सकेंगे।
शहर से लेकर कस्बों में आज 5जी नेटवर्क ने अपनी दस्तक दे दी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई इलाके हैं जहां टावर लगना तो दूर, नेटवर्क तक नहीं पहुंचा। ऐसे में ग्रामीणों को या तो अपनी छत पर या दूसरे गांवों में जाकर मोबाइल पर बात करनी पड़ती थी। न तो बीएसएनएल और न ही किसी प्राइवेट कंपनी ने अपने टावर खड़े कर नेटवर्क की समस्या दूर की। ऐसे में यहां नेटवर्क की समस्या शुरूआत से ही बनी थी। नेटवर्क न होने से इन इलाकों में राशन वितरण समेत अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी परेशानियां आती थी। समस्या को देखते हुए भारतीय संचार निगम लिमिटेड की तरफ से नो नेटवर्क वाले इलाकों चिह्नित करते हुए 11 गांवों में नए 4जी के टॉवर लगाए गए हैं।
इनमें झांसी, ललितपुर, तालबेहट में एक-एक गांव में व महरौनी में आठ गांवों में यह टावर लगाए गए हैं। ऐसे में नो नेटवर्क जोन में शामिल इन गांवों में अब नेटवर्क जल्द पहुंच जाएगा। नेटवर्क पहुंचने से जहां ग्रामीणों को छतों और दूसरे गांवों में जाने से मुक्ति मिल जाएगी, वहीं डिजिटल इंडिया से जुड़ सकेंगे।
झांसी में 224 में 191 टावरों को किया गया अपग्रेड
बीएसएनएल की ओर से झांसी जिले में स्थित 2जी अथवा 3जी टावरों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इसमें 224 टावर हैं, जो अग्रेड किए जाने हैं। इनमें अब तक 191 टावरों को 4जी नेटवर्क में बदल दिया गया है। गांवों में 4जी नेटवर्क होने से अब इंटरनेट जहां तेजी से चल सकेगा, तो वहीं कार्य में आसानी भी होगी।
झांसी बीएसएनल के सहायक महाप्रबंधक पार्थिव सिंह ने बताया कि झांसी क्षेत्र में लगे 2जी एवं 3जी टॉवरों को 4जी में अपग्रेड करने की कवायद चल रही है। अब तक 191 टॉवरों को अपग्रेड किया जा चुका है। इनमें 11 गांव नो नेटवर्क जोन में थे, वहां पर भी 4जी टावर लगाकर पहली बार नेटवर्क पहुंचाने का कार्य किया गया है।