झांसी। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और माताओं को आर्थिक सहायता देने के लिए शुरू की गई जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) का लाभ समय पर पहुंचाने में झांसी पिछड़ गया है। प्रसव के बाद मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए बड़ी संख्या में लाभार्थी इंतजार कर रहे हैं। जिले में अब तक सिर्फ 21 फीसदी महिलाओं को ही भुगतान हो सका है। इस खराब प्रदर्शन के चलते झांसी को प्रदेश में 72वां स्थान मिला है और डी ग्रेड की श्रेणी में रखा गया है।
जेएसवाई के तहत सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्र की महिला को 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिला को 1000 रुपये दिए जाते हैं। योजना का उद्देश्य प्रसव के दौरान सुरक्षित संस्थागत सेवाओं को बढ़ावा देना है लेकिन भुगतान में देरी से लाभार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
3140 प्रसव, भुगतान सिर्फ 668 को
वर्ष 2026 में एक अप्रैल से 22 जून तक झांसी जिले में 3140 संस्थागत प्रसव हुए। इनमें से केवल 668 लाभार्थियों के खाते में ही प्रोत्साहन राशि पहुंच सकी। करीब 21 फीसदी महिलाओं को ही भुगतान मिल पाया
मंडल के ललितपुर जिले की स्थिति भी बेहतर नहीं रही। यहां इस अवधि में 3627 संस्थागत प्रसव हुए, लेकिन 1086 महिलाओं को ही भुगतान हो सका। करीब 30 फीसदी भुगतान के साथ ललितपुर को प्रदेश में 60वां स्थान और डी ग्रेड मिला। इसके उलट जालौन जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया। यहां 2940 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 1756 लाभार्थियों को भुगतान किया गया। करीब 60 फीसदी भुगतान के साथ जालौन प्रदेश में 11वें स्थान पर रहा और उसे ए ग्रेड मिला।
पोर्टल पर देरी से दिखता है अपडेट
जेएसवाई के जिला नोडल अधिकारी डॉ. एनके जैन ने बताया कि पोर्टल पर भुगतान के आंकड़े करीब 10 दिन बाद अपडेट होते हैं। अब तक 38 फीसदी लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 25 जून के बाद के कुछ बिल कोषागार में लंबित थे, जिनके भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही सभी लाभार्थियों को राशि मिल जाएगी।