यूक्रेन से भारत लौटे एमबीबीएस के छात्र अक्षेंद्र ने बताया कि वो हंगरी से होते हुए भारत आए हैं। उन्होंने बताया कि हंगरी की सीमा के भीतर भारतीयों को तो प्रवेश दिया जा रहा है, लेकिन पाकिस्तानियों के लिए दरवाजे बंद कर रखे गए हैं। ऐसे में यूक्रेन व हंगरी के बॉर्डर पर खड़े तमाम पाकिस्तानी छात्रों ने अपने पासपोर्ट फाड़ दिए हैं। वहां वे हंगरी सीमा में प्रवेश करने के लिए खुद को भारतीय बता रहे हैं। ऐसे में जांच और कड़ी कर दी गई है। इससे भारतीयों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अक्षेंद्र ने बताया कि वो यूक्रेन की राजधानी कीव से आठ सौ किलोमीटर दूर उझगोरोड में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। ये इलाका अब तक युद्ध से प्रभावित नहीं है। लेकिन 21 फरवरी को यूक्रेन में बमबारी शुरू होने के बाद उझगोरोड में भी अफरा-तफरी मच गई। एटीएम पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं, ऐसे में तमाम एटीएम तक बंद हो गए। लोग खाने-पीने का सामान इकट्ठा करने लगे। हर कोई दहशत में नजर आने लगा। तब कहीं जाकर भारतीय छात्रों ने वहां से निकलने का मन बनाया, जबकि इससे पहले सभी वहां रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करने की तैयारी में थे।