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सात अवैध कॉलोनियों को नियमित करेगा जेडीए

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झांसी। झांसी विकास प्राधिकरण ने महानगर की 34 अवैध कॉलोनियों में 7 को नियमित करने की कवायद शुरू की है। इनका ले-आउट प्लान पास न होने से इन कॉलोनियों पर हमेशा ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी रहती है। शासन के निर्देश पर जेडीए ने इनको नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे पांच हजार से अधिक भवन स्वामियों को फायदा मिलेगा।
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प्राधिकरण प्रशासन की बेपरवाही से भू-स्वामियों ने बगैर ले-आउट प्लान पास कराए प्लाट बेच दिए। यहां न सड़कें बनाई गईं, न दूसरे इंतजाम किए गए। जेडीए सीमा में बिना ले-आउट प्लान पास कराए ऐसी 34 अवैध कॉलोनियां चिन्हित हुई हैं। शासन के पास जेडीए ने इन सभी कॉलोनियों की लिस्ट भेज दी थी लेकिन, इनमें से सिर्फ सात कॉलोनियों को ही पहले नियमित करने की मंजूरी दी गई। शासन की हरी झंडी मिलने पर जेडीए ने इनको नियमित करने की कवायद शुरू की। सबसे पहले यहां रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) गठित करना होगा। यहां रहने वाले 75 प्रतिशत लोगों की मंजूरी अनिवार्य होगी। इसके बाद शमन शुल्क एवं विकास शुल्क जमा करना होगा। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भवन स्वामी अपने अलग मानचित्र स्वीकृत करा सकेंगे। प्राधिकरण अफसरों का कहना है कॉलोनियां नियमित न होने पर नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम- 1973 की धारा 27 के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है।
ये कॉलोनियां हंसारी गिर्द (पार्ट वन), राजगढ़ बिजौली (पार्ट वन एवं पार्ट टू), झोकन बाग चंद्र विहार कॉलोनी, शक्तिनगर (झांसी खास), कैमासन नगर करगुवां (पार्ट वन एवं पार्ट टू), शक्तिनगर साकेतनगर (खैलार) हैं।
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अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की दिशा में नए सिरे से कोशिश की जाएगी। बोर्ड बैठक में तय किया गया है कि इन सात कॉलोनियों में कैंप लगाकर आम राय बनाई जाए।
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सर्वेश दीक्षित, उपाध्यक्ष, जेडीए
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