झांसी। खंडेराव गेट पर श्रीराम मंदिर आंदोलन के दौरान शहीद हुए कारसेवक जगत प्रकाश अग्रवाल की मूर्ति का खंडेराव गेट पर अनावरण और उन्हीं के नाम पर मार्ग का लोकार्पण हुआ। भाजपा के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी ने कहा कि 30 अक्तूबर 1990 को अयोध्या में गोली सुबह साढ़े दस बजे चली और झांसी में सुबह साढ़े नौ बजे, ऐसे में जगत प्रकाश अग्रवाल राम मंदिर में बलिदान होने वाले पहले व्यक्ति थे।
उन्होंने बताया कि 30 अक्तूबर 1990 को झांसी दूसरी अयोध्या बन गई थी। झांसी में देश भर से आए रामभक्त कारसेवकों को आगे जाने से पुलिस द्वारा रोक दिया गया था। झांसी की जनता ने लाखों कारसेवकों के स्वागत, सम्मान में अपने घरों के दरवाजे खोल दिए। उसी दिन झांसी और अयोध्या में गोली चली। इस दौरान झांसी के कारसेवक जगत प्रकाश अग्रवाल का बलिदान हुआ। नगर धर्माचार्य हरिओम पाठक ने कहा कि भगवान राम के चरणों में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जगत प्रकाश अग्रवाल को हमेशा झांसी याद करेगी। चूंकि, कार्यक्रम के दौरान कारसेवकों का सम्मान किया गया। इसके बाद हजारों संख्या में लोगों ने राजकीय संग्रहालय में एकत्रित होकर जुलूस का रूप लेकर जय श्रीराम के नारे लगाते हुए भगवा झंडे लेकर प्रतिमा अनावरण स्थल पहुंचे। यहां प्रतिमा का लोकार्पण हुआ। शहीद कारसेवक की मां कमला अग्रवाल और पिता राधेश्याम अग्रवाल का सम्मान किया गया। इस दौरान मेयर रामतीर्थ सिंघल, महंत विष्णु दत्त स्वामी, विधायक रवि शर्मा, विधायक जवाहर राजपूत, बिहारी लाल आर्य, हरगोविंद कुशवाहा, पूर्व मेयर किरण वर्मा, धन्नू लाल गौतम, मनीष गुप्ता, सुनील नैनवानी, विवेक स्वामी, नंदकिशोर भिलवारे, बद्री त्रिपाठी, रोहित गोठनकर, सुमन पुरोहित, गिरजा तिवारी, प्रियांशु डे, लखन कुशवाहा, उमाशंकर राजपूत, राजीव शर्मा, सचिन मिश्रा, विद्या प्रकाश दुबे, रानू देवलिया, अनूप गुप्ता, सुरेश मनकानी मौजूद रहे।