अपने दोस्तों के साथ शिव बरात में शामिल होकर लौटने के बाद आईटीआई छात्र लापता हो गया। बुधवार सुबह उसका शव फिल्टर-ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग के बीच रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। राहगीरों की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। छात्र के आत्महत्या करने की वजह को लेकर परिजनों ने अनभिज्ञता जताई है।
जालौन के खक्सीस निवासी मन्नू सिंह का सबसे छोटा बेटा शैलेंद्र उर्फ सत्यम (21) आईटीआई में मैकेनिकल प्रोडक्शन शाखा के तृतीय सेमेस्टर का छात्र था। थापक बाग में एक कमरा किराया पर लेकर वह पढ़ाई करता था। मकान मालिक कुंवर पाल सिंह का कहना है मंगलवार को सत्यम अपने कई दोस्तों के साथ मढ़िया महादेव मंदिर की शिव बरात में गया था। वहां से शाम को लौटकर आया। शाम करीब साढ़े सात बजे वह बिना किसी को कुछ बताए बाहर निकल गया। जब काफी देर तक वह नहीं लौटा तब उन्होंने उसके मोबाइल पर फोन किया लेकिन, मोबाइल वह अपने कमरे में ही चार्जिंग पर लगाकर चला गया था। उसके साथियों से भी पूछा गया लेकिन, कोई उसके बारे में नहीं बता सका। उसके लापता होने की सूचना उन्होंने उसके पिता को दी। बेटे के लापता होने की सूचना पर पिता भी घबरा उठे। बुधवार सुबह वह यहां आ गए। यहां से वह लोग कोतवाली पहुंचे।
कोतवाली पुलिस को बुधवार सुबह ही रेलवे ट्रैक से अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। पुलिस के तस्वीर दिखाते ही परिजनों ने उसे सत्यम के तौर पर पहचाना। पुलिस ने देर-शाम शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। पिता मन्नू गांव में रहकर खेती-बाड़ी का काम करते हैं। उनका कहना है कि सत्यम ने मंगलवार शाम को अपनी मां एवं चचेरे भाई मंगल से बात की। उसने कुछ ऐसी बात नहीं बताई।
प्रायोगिक परीक्षा देने को दो दिन पहले ही लौटा था घर से
आईटीआई में इन दिनों प्रायोगिक परीक्षाएं चल रही हैं। सत्यम की प्रायोगिक परीक्षा 28 फरवरी को थी। इसके लिए ही वह 27 फरवरी को अपने गांव से यहां आया था। उसके दोस्तों का कहना है कि सत्यम पढ़ाई लिखाई में सामान्य था। परीक्षा भी उसकी ठीक हुई थी। सत्यम का बड़ा भाई शिवम ने भी यहीं से आईटीआई की हुई है।