झांसी। आठ महीने पहले मर चुकी महिला को नौ दिसंबर को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने की जांच शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर जाकर महिला के परिजनों से दस्तावेज मांगकर जांच पड़ताल की। सोमवार को टीम अपनी रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंपेगी।
प्रेमनगर के ईसाईटोला निवासी 75 वर्षीय महिला की 21 अप्रैल को मौत हो गई थी। मरने के ठीक आठ दिन पहले महिला को कोरोना की वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई थी। नौ दिसंबर को महिला के मोबाइल पर मेसेज आया, जिसमें दूसरी डोज लगने का जिक्र था। मेसेज देखकर परिजन चौंक गए। वह समझ नहीं पा रहे थे कि जब महिला का निधन आठ महीने पहले हो चुका है तो आखिरकार उन्हें वैक्सीन कैसे लग गई। यह मानवीय त्रुटि है या फिर टीकाकरण अभियान को लेकर फर्जीवाड़ा चल रहा है। मामले की तह तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी ने महिला के घर पहुंचकर महिला का मृत्यु प्रमाणपत्र और वैक्सीन लगने के बाद जारी हुआ ऑनलाइन प्रमाणपत्र देखा। सोमवार को टीम अपनी रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को सौंपेगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रविशंकर का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।