झांसी। बहुजन समाज पार्टी में विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों के लेकर चल रहे मंथन में बबीना और झांसी विधानसभा सीट पर टिकट के दावेदारों में कड़ी टक्कर चल रही है। अब तक माना जा रहा था कि दोनों सीटों के दावेदारों पर रायशुमारी बन गई है, लेकिन तेजी से बदले राजनीतिक समीकरणों के बाद संभावित दावेदारों को अपने प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर लेनी पड़ रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि नामों में उलटफेर हो सकता है।
दस साल से पार्टी सत्ता से बाहर है। इसलिए पार्टी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। विधानसभा चुनाव में पार्टी फूंक - फूंक कर कदम रख रही है और पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। यही कारण है कि टिकट देने से पहले प्रत्याशी के बारे में जो भी फीडबैक मिल रहा है, उस पर विचार मंथन किया जा रहा है। बबीना विधानसभा क्षेत्र में अहिरवार वोट करीब साठ हजार, लोधी वोट करीब पचास हजार और यादव वोट करीब साठ हजार हैं। पार्टी का मानना है कि यदि यहां से लोधी जाति के व्यक्ति को टिकट दे दिया जाए तो जीत आसान हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार इसी समीकरण का हवाला देते हुए एक दावेदार ने पार्टी की मुखिया से पिछले दिनों मुलाकात की। एक पदाधिकारी के माध्यम से उनकी पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई। पार्टी मुखिया के समक्ष उनकी तारीफ भी हुई। बताया कि दावेदार की निर्विवाद छवि का लाभ मिलेगा। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें गंभीरता से सुना।
दूसरी ओर, झांसी महानगर सीट से एक पूर्व विधायक लंबे समय से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। जनता के सुख- दुख में जाकर वे जनता से मिल भी रहे हैं। अपनी मिलनसार छवि के कारण ही वे जनता के बीच लोकप्रिय हैं। वह भी अपना टिकट लगभग तय मानकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन, पिछले दिनों उन्हें एक दावेदार ने कड़ी चुनौती दी है। उक्त दावेदार ने पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात की और हाल ही में किए गए समाजसेवी कार्यों के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री को सिलसिलेवार तरीके से अवगत कराया। इसका असर हुआ। तब से लेकर उक्त दावेदार गदगद नजर आ रहे हैं। इन दोनों की दावेदारी पर यदि पार्टी भरोसा जताती है तो चुनावी समीकरण दिलचस्प हो जाएगा।