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गृहस्थी के मुंह पर महंगाई का चांटा... 110 रुपये किलो अरहर दाल, 190 रुपये में पांच किलो आटा

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झांसी। इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी के कारण आम आदमी वैसे ही परेशान है। लोगों पर बिजली के बिल का भार पड़ रहा है। ऐसे में आटा, दाल, रिफाइंड और साबुन आदि घरेलू चीजों के दाम बढ़ने से गृहस्थी पर महंगाई का तगड़ा चांटा पड़ रहा है। बुंदेलखंड में जहां गरीबी के चलते लोग मेहनत-मजदूरी करके किसी तरह गृहस्थी की गाड़ी खींच रहे हैं, वहां रिफाइंड 185 रुपये लीटर और अरहर दाल के रेट प्रति किलो 110 रुपये होना आम लोगों के मुंह से निवाला छिनने के बराबर है।
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दो साल कोरोना काल की मार झेल रहे रोज खाने कमाने वाले लोगों की तंगहाली आज भी किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में 2022 में विधानसभा चुनाव के बाद से जिस तरह पेट्रोल-डीजल के रेट लगातार बढ़ रहे हैं उससे मालभाड़ा खासा महंगा हो गया है। इधर, यूक्रेन और रूस के बीच हालात बिगड़े तो कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ गईं। ऐसे में मार्च के बाद से जिस तरह रिफाइंड, तेल और दालों के रेट बढ़ रहे, उससे आम आदमी की दाल-रोटी मुश्किल से चल रही थी।
इधर, अप्रैल के अंत में तेजी से बढ़े आटा, रिफाइंड और अरहर दाल के दामों से दाल-रोटी भी छिनने लगी है। बालाजी रोड के फुटकर दुकानदार आदेश बताते हैं कि बाजार में जहां खुला आटा 23 रुपये की बजाय अब 24 से 26 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। वहीं, ब्रांडेड आटा तकरीबन 38 रुपये किलो के हिसाब के पांच किलो की पैकिंग में मिल रहा है। पांच किलो आटा 160 से 190 में बिक रहा। दो-तीन हफ्ते में अरहर दाल में प्रतिकिलो 15 रुपये प्रतिकिलो रेट बढ़ गए हैं। दुकानदार शशांक और राजेश कुमार ने बताया कि महंगाई के चलते रोजमर्रा की चीजें का सामान महंगा हो गया है। बिस्कुट, नमकीन तक के रेट बढ़े हैं।
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सामान अप्रैल मई (प्रतिकिलो)
खुला आटा 23-24 25-26
ब्रांडेड आटा 135 से 350 160 से 380
अरहर दाल 95 से 100 110
रिफाइंड 170 185 (प्रति लीटर)
रवा 28 30-32
मैदा 27-28 30
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बिस्कुट और साबुन के रेट भी तेजी से बढ़े
झांसी। मार्केट में बिस्कुट के रेट भी बढ़ गए हैं। दुकानदारों की मानें तो रवा, मैदा, रिफाइंड और आटा महंगा होने से बिस्कुट और बेकरी से संबंधित उत्पाद महंगे हो गए हैं। कई कंपनियां पांच या दस रुपये के पैक में मिलने वाले बिस्कुट के रेट की बजाए पैकेट में सामान का वजन कम कर रही हैं। इसी तरह साबुन की पैकिंग में भी साबुन का वजन घटाया जा रहा है।
गोलगप्पे और फास्ट फूड भी महंगा
झांसी। आटा-रवा और मैदा महंगा होने से इधर गोलगप्पे और फास्ट फूड के रेट भी बढ़ गए हैं। इलाइट चौराहे के फास्ट फूड दुकानदार अशोक सिंह ने बताया कि चाउमीन की प्लेट में दो से पांच रुपये बढ़ाए जा रहे हैं। कच्चा मटीरियल महंगा होने से रेट बढ़ रहे हैं। इलाइट के पास गोलगप्पा लगाने वाले दुकानदार बबलू और अयोध्यापुरी के श्याम ने बताया कि पहले गोलगप्पे 10 रुपये में पांच देते थे। इधर, एक महीने से 20 रुपये के छह पीस कर दिए गए हैं।
महंगाई के कारण आम आदमी के घर का बजट हर महीने बढ़ता ही जा रहा है। दाल और आटा जैसी चीजें महंगे होने से गरीब तबके के लोगों के लिए तो दाल-रोटी चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।
-सुनीता साहू -अंसल कॉलोनी
पेट्रोल-डीजल के रेट तो पहले से ही बढ़े हुए हैं। ऐसे में घर-गृहस्थी का सामान महंगा होने से लोगों की दिक्कत बढ़ जाएगी। दाल, आटा, रिफाइंड इतना महंगा नहीं होना चाहिए।
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-रजनी पटैरिया, सिद्ध नगर कॉलोनी
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