झांसी। जिला अस्पताल में डेंगू की जांच के नाम पर पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है कि पहले कर्मचारियों ने किट खत्म होने की बात कही और फिर 300 रुपये देने पर 15-20 मिनट में रिपोर्ट देने को राजी हो गए। जिला अस्पताल ने दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान भी दर्ज किए हैं।
इस साल डेंगू के मरीजों के आंकड़ों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। जिला अस्पताल में एनएस-1 किट से डेंगू की जांच की सुविधा स्वास्थ्य विभाग ने उपलब्ध कराई थी। मगर अब जांच के नाम पर पैसे मांगने के गंभीर आरोप एक व्यक्ति ने लगाए हैं। बंगरा ब्लॉक निवासी रविशंकर झा ने मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत की है कि 21 अक्तूबर को तेज बुखार से कराह रही अपनी पत्नी को जिला अस्पताल में दिखाने ले गए थे। डॉक्टर ने सीबीसी, मलेरिया, डेंगू की जांच लिख दी। पैथोलॉजी विभाग में कर्मचारियों ने दोपहर एक बजे मरीज का दो शीशियों में ब्लड सैंपल लिया। फिर कहा कि डेंगू की किट न होने से इसकी जांच नहीं हो पाएगी। उसी दिन शाम चार बजे तक डेंगू छोड़कर बाकी सभी जांच रिपोर्ट दे दी गई। बाद में कर्मचारियों ने कहा कि डेंगू की जांच करानी है तो एक हजार रुपये लगेंगे। 15 से 20 मिनट में जांच रिपोर्ट भी मिल जाएगी। फिर कर्मचारी 300 रुपये में रिपोर्ट देने के लिए तैयार हो गया। शिकायतकर्ता ने सवाल किया कि जब किट नहीं थी, तो वह जांच किससे कर रहे थे? कर्मचारियों की फोटो भी शिकायत के साथ भेजी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं।
पैथोलॉजी विभाग में डेंगू की जांच के नाम पर पैसे मांगने की शिकायत मिलने के बाद दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान लिए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अतुल गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल।