नगर आयुक्त ने रखरखाव करने वाली फर्म के संचालक को दिए एफआईआर कराने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। लक्ष्मी तालाब में सोमवार को सैकड़ों मछलियां मर गईं। लोग मरी हुई मछलियों को बोरों तक में भरकर ले गए। हालांकि मछलियां मरने की कोई पुख्ता वजह अभी सामने नहीं आई है लेकिन जानकारों का कहना है कि पानी में ऑक्सीजन की कमी होने से भी मछलियां मर जाती हैं। खैर नगर आयुक्त ने तालाब का रखरखाव करने वाली फर्म के संचालक को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
रोजाना की तरह सोमवार की सुबह कुछ लोग लक्ष्मी तालाब में मछलियां पकड़ने पहुंचे। उन्होंने देखा कि सैकड़ों मछलियां तालाब के किनारे पर पड़ी हैं। ये सभी मछलियां मर चुकी थीं। आसपास रहने वाले लोगों को भी इसकी जानकारी हुई तो मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने मछलियां इकट्ठा करना शुरू कर दीं। कुछ लोग तो बोरे में भी मछलियां ले गए। सूचना पर नगर आयुक्त ने भी नगर निगम की टीम मौके पर भेजी। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश ने बताया कि मौके पर लोग कई तरह की बातें कर रहे थे। कुछ कह रहे थे कि किसी ने जानबूझकर तालाब में कोई दवा डाल दी है, जिससे ये मछलियां मर गई हैं तो कोई कुछ और कह रहा था। ऐसे में तालाब का रखरखाव कर रही एजेंसी के संचालक को मुकदमा दर्ज करवाने के आदेश दे दिए हैं। थाने में तहरीर भी दे दी गई है।
तालाब के आसपास की जालियां तक काट दीं
तालाब को चारों तरफ से सुरक्षित करने के लिए जालियां लगाई गई हैं। मगर कुछ लोगों ने ये जालियां तक काट दी हैं। यहीं से मछलियां पकड़ने के लिए लोग तालाब में जाते हैं।
ये बोले जिला मत्स्य अधिकारी
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जिला मत्स्य अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मछली के मरने के मुख्य तौर पर दो कारण होते हैं। उन्होंने बताया कि तेज गर्मी में मछलियां पानी की ऊपरी सतह से एक मीटर नीचे रहती हैं। क्योंकि, तापमान उनके अनुकूल होता है। जमीन की सतह पर गंदगी जमा होने से मछली जब ऊपर आती है तो गर्म तापमान होने से मछली मर जाती है। इसके अलावा जब सूरज नहीं निकलता है तो उमस हो जाती है। जिससे पानी के अंदर ऑक्सीजन कम हो जाती है और मछलियां मर जाती हैं।