झांसी। मध्यप्रदेश के जिलों को खाद की कालाबाजारी न हो, इसलिए बॉर्डर पर खाद की निगरानी के लिए कृषि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सचल दल गठित किए गए हैं। यह सभी दल बॉर्डर पर निगरानी करेंगे। यदि कोई व्यक्ति खाद की कालाबाजारी करते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले के टॉप सौ खाद विक्रेताआें का रिकॉर्ड खंगाला जाए कि कहीं फुटकर विक्रेताओं ने डीएपी की गलत तरीके से बिक्री तो नहीं की है।
शासन से मिले निर्देशों के अनुसार जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जिले में सचल दल गठित कर दिए हैं। तहसील झांसी सदर में उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी व कृषि रक्षा अधिकारी शामिल होंगे। तहसील मोंठ में उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी व अपर जिला सहकारी अधिकारी, तहसील गरौठा में उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी और अपर जिला सहकारी अधिकारी, तहसील मऊरानीपुर में उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी व अपर सहकारी अधिकारी तथा तहसील टहरौली में उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी व सहायक विकास अधिकारी कृषि शामिल रहेंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले के सौ खाद विक्रेताओं का रिकार्ड खंगाला जाए कि कहीं उन्होंने सीमावर्ती राज्य में खाद की बिक्री तो नहीं की। यह भी जानकारी प्राप्त की जाए कि बिना जोत बही के फुटकर विक्रेताओं से अधिकतम डीएपी प्राप्त कर उसकी गलत तरीके से ब्रिकी तो नहीं की गई। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने उर्वरक की उपलब्धता के बारे में निरंतर जानकारी देने और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।