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कैसे हो वसूली, बकाये में कनेक्शन कटते ही घनघनाने लगते हैं नेताओं के फोन

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झांसी। इन दिनों बिजली की बकाया वसूली थम सी गई है। मुख्यालय से विभाग को टारगेट दिए जा रहे हैं मंगर वह पूरे ही नहीं हो रहे। बकाये में कनेक्शन कटता है तो तत्काल ही जोड़ने की सिफारिशें गूंजने लगती हैं। सिफारिश किसी एक पार्टी से नहीं बल्कि सभी से आ रही हैं। हर बकायेदार को पार्टी वाले अपने कार्यकर्ता बताने लगे हैं। हालांकि बिजली अधिकारी कह रहे हैं कि वह किसी सिफारिश को नहीं मानते लेकिन हकीकत यह है कि सियासी प्रेशर में कनेक्शन काटने का अभियान भी मंद पड़ गया है।
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तमाम प्रयास करने के बाद भी बिजली विभाग प्रदेश भर में 50 प्रतिशत के आसपास ही वसूली कर पा रहा है। झांसी जिला दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत आता है। शासन ने सितंबर में 782 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया है। लेकिन, अब तक 338 करोड़ रुपये की वसूली हो सकी है। यानी कुल वसूली का 43.26 प्रतिशत पैसा जमा हो सका है। हालांकि, झांसी की स्थिति ठीक है। यहां लक्ष्य 31 करोड़ रुपये का है और अब तक 25 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं।
बिजली विभाग बकायेदारों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। जो लोग पैसा जमा नहीं कर पा रहे हैं, उनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं। जिनके कनेक्शन कट रहे हैं उनमें से अधिकांश लोग खुद को नेताजी का करीबी बताते हैं और फोन घुमाने लगते हैं। उनका प्रयास होता है कि किसी तरह कनेक्शन न कटे। ऐसे सिफारिशी फोनों से नेताजी परेशान हैं। कुछ मामले ऐसे भी आते हैं कि उन्हें मजबूरन फोन करना ही पड़ जाता है। क्योंकि, विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। ऐसे में नेताजी किसी को नाराज नहीं करना चाहते हैं और सभी का मन रख रहे हैं।
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उधर, सिफारिशी फोन से विभागीय अधिकारी असमंजस में पड़ जाते हैं कि वसूली का टारगेट पूरा करें या सिफारिश मानें। यदि सिफारिश मान ली तो वसूली का लक्ष्य प्रभावित हो जाएगा और नहीं मानी तो उनके खिलाफ शिकायतें शुरू हो जाती हैं। यही नहीं, इन दिनों अस्थायी बिजली कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। इस कारण भी लोगों को असुविधा हो रही है। बहरहाल, अधिकारी और नेताजी दोनों ही धर्मसंकट में फंसे हुए हैं।
जो भी बकायेदार हैं और पैसा जमा नहीं कर रहे हैं, उनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उनके पास किसी तरह की सिफारिश का फोन नहीं आता है, यदि आएगा भी तो उस पर ध्यान नहीं दिया जाएगा। विभाग नियमानुसार अपना काम कर रहा है।
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- राजकुमार, अधीक्षण अभियंता, शहर
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