झांसी। मेडिकल कॉलेज में सेवानिवृत्ति के बाद कई सीनियर डॉक्टरों को ड्यूटी पर रख लिया गया है मगर इनसे काम नहीं लिया जा रहा है। न तो इनकी ओपीडी में ड्यूटी लगाई जा रही है और न ही ऑपरेशन में। जब इन डॉक्टरों के पास लंबा अनुभव है।
65 वर्ष में सेवानिवृत्त होने के बाद डॉक्टरों को कांट्रेक्ट पर रख लिया जाता है। चिकित्सा संबंधी तो इन डॉक्टरों से सेवाएं ली जाती हैं मगर कोई भी प्रशासनिक कार्य ये नहीं करते हैं। मेडिकल कॉलेज में भी ईएनटी, सर्जरी समेत कई विभागों में कांट्रेक्ट पर वरिष्ठ डॉक्टरों से सेवाएं ली जा रही हैं। खास बात ये है कि इन चिकित्सकों को रख तो लिया गया है मगर न तो ओपीडी और न ही ओटी में इनकी ड्यूटी लगाई गई है। जबकि, ये डॉक्टर खुद भी सेवाएं देना चाहते हैं। वहीं, 30 से 35 साल का लंबा चिकित्सीय अनुभव होने की वजह से झांसी समेत बुंदेलखंड में अच्छा नाम है। मरीज भी इन डॉक्टरों को दिखाना चाहते हैं। लेकिन, ये मेडिकल कॉलेज में सिर्फ कागजों में दर्ज डॉक्टर बनकर रह गए हैं।
ओपीडी, ओटी की भी बढ़ेगी संख्या
झांसी। कांट्रेक्ट पर रखे गए डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी तो ओपीडी से लेकर ओटी तक की संख्या में इजाफा होगा। साथ ही मरीज भी वरिष्ठ चिकित्सक के नाम पर मेडिकल कॉलेज आएंगे। ऐसे में रोगियों का घट रहा ग्राफ भी बढ़ेगा।
विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि कांट्रेक्ट पर तैनात चिकित्सकों से प्रशासनिक छोड़कर अन्य सभी सेवाएं ली जाएं। सभी विभाग प्रमुखों से ओपीडी, ओटी का ड्यूटी चार्ज मंगवाया जाएगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।