झांसी। इस बार भी यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम में छात्रों पर छात्राएं भारी पड़ी हैं। खासकर दसवीं में बहुत अधिक छात्रों के फेल होने से रिजल्ट बिगड़ गया है। छात्रों के मुकाबले 10वीं में 12.44 फीसदी और 12वीं में 7.58 प्रतिशत छात्राएं ज्यादा पास हुई हैं।
छात्रों की तुलना में 2776 कम पंजीकरण होने के बावजूद इस बार भी छात्राएं छाई हुई हैं। 12वीं में 7433 छात्रों में से 6008 और 6619 छात्राओं में 5852 ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। इंटरमीडिएट में छात्रों की पास होने की दर 80.33 फीसदी और छात्राओं की 88.41 प्रतिशत है। वहीं, 10वीं में 9032 छात्रों में 6691 और छात्राओं में 7591 में 6568 छात्राओं ने परीक्षा पास की है। हाईस्कूल में 74.08 फीसदी छात्र और 86.52 प्रतिशत छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं। वहीं, इंटरमीडिएट में 80.33 फीसदी छात्र और 88.41 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि छात्रों की तुलना में छात्राएं पढ़ाई में ज्यादा मेहनत कर रही हैं। तभी उनकी सफल होने की दर भी छात्रों से बहुत ज्यादा है। वहीं, हाईस्कूल में करीब 26 प्रतिशत छात्रों के फेल हो जाने से रिजल्ट 80 फीसदी के नीचे लुढ़क गया है। साथ ही प्रदेश में भी सबसे निचला स्थान आया है। इंटरमीडिएट में भी लगभग 20 प्रतिशत छात्र फेल हो गए हैं।