झांसी। गढ़मऊ स्टेशन रेलवे की कमाई का अब नया जरिया बनने जा रहा है। सवारी गाड़ी के अलावा इसे माल ढुलाई के लिहाज से विकसित किया जा रहा है। आज से यहां माल ढुलाई भी शुरू कर दी गई। सालाना करीब 100 रेक उठान का लक्ष्य तय किया गया है। शुरूआत में रेलवे को करीब पंद्रह करोड़ का फायदा होने की उम्मीद है।
झांसी- कानपुर रेल लाइन पर गढ़मऊ सबसे पहला रेलवे स्टेशन है। रोजाना यहां से करीब 148 सवारी गाड़ियां होकर गुजरती हैं हालांकि नियमित स्टापेज अभी सिर्फ कानपुर एवं लखनऊ पैंसेजर का ही है। रेलवे इस स्टेशन को सवारी गाड़ियों के अलावा मालगोदाम के तौर पर विकसित कर रहा है। योजना के मुताबिक सीपरी बाजार मालगोदाम को धीरे-धीरे यहां शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद यहीं से दूसरे राज्यों तक माल भेजा जा सकेगा। फिलहाल शनिवार से यहां लोडिंग की शुरूआत हो गई। पहले दिन यहां से गिट्टियों का लदान आरंभ हुआ। अब यहां से निर्माणाधीन डिफेंस कॉरीडोर के अलावा प्रयागराज, मिर्जापुर, बनारस आदि स्थानों तक माल भेजा जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे इसे बढ़ाया जाएगा। रेलवे अफसरों के मुताबिक सलाना 100 रेक का लक्ष्य तय हुआ है। प्रति रेक से रेलवे को करीब 15.93 लाख रुपये की आय होगी। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार के मुताबिक काम शुरू हो गया है। इसे चरणबद्घ तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
आने वाले समय में किसान को भी होगा फायदा
गढ़मऊ स्टेशन से माल ढुलाई आरंभ होने से यह आने वाले समय में किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। गढ़मऊ स्टेशन के पास ही बुंदेलखंड पैकेज से निर्मित कृषि मंडी भी बनी हुई है। इस मंडी को दुबारा शुरू किया जाना है। इसके शुरू होने के बाद किसान रेल की मदद से दलहन, मूंगफली समेत अन्य उत्पाद दूसरे राज्यों तक आसानी से भेज सकेंगे।