बुंदेलखंड में तीन आयुर्वेदिक कॉलेज हैं। इनमें झांसी में एक सरकारी, एक प्राइवेट, बांदा में एक सरकारी कॉलेज है। कुछ महीने पहले ही बीएएमएस प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षा हुई थी।
झांसी में ‘हैश टैग’ चिन्ह से बीएएमएस छात्रों के नंबर बढ़ाने के बड़े खेल का भंडाफोड़ हो गया है। 500 कॉपियों की पहले ही पन्ने पर एक सा पहचान चिन्ह मिला है। इन सभी की कॉपियों में भी औसत से ज्यादा नंबर दिए हैं। अब बीयू ने इन सभी छात्रों का रिजल्ट रोक दिया है। साथ ही मामले की जांच भी बैठा दी है।
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बुंदेलखंड में तीन आयुर्वेदिक कॉलेज हैं। इनमें झांसी में एक सरकारी, एक प्राइवेट, बांदा में एक सरकारी कॉलेज है। कुछ महीने पहले ही बीएएमएस प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षा हुई थी। इन परीक्षाओं की कॉपियों की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।
बीयू अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय में इन तीनों कॉलेजों की 3200 कॉपियां जमा हुईं। इनमें से 500 कॉपियों के पहले पन्ने पर ही ‘हैश टैग’ चिन्ह बना हुआ था। इन सभी कॉपियों को अलग करके जांच की गई तो पता चला कि इन सभी उत्तर पुस्तिकाओं में औसत से भी ज्यादा नंबर दिए गए।