झांसी। जेल में क्षमता से अधिक कैदियों को कम किए जाने की कवायद शुरू हुई है। झांसी जेल में बंद करीब चार सौ सजायाफ्ता कैदियों को इटावा की नवर्निमित सेंट्रल जेल भेजा जाएगा। इसकी प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। अगले माह तक इन बंदियों को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
झांसी कारागार का निरीक्षण करने यहां आए पुलिस महानिदेशक/ महानिरीक्षक (कारागार) आनंद कुमार ने बताया कि इटावा सेेंट्रल जेल का निर्माण कार्य तकरीबन पूरा हो चुका है। झांसी जेल में काफी समय से क्षमता से अधिक कैदी रखे जा रहे हैं। इस समय करीब 1538 कैदी यहां हैं। इसको देखते हुए कैदियों को यहां से इटावा जेल भेजने की तैयारी है। सात साल से अधिक के सजायाफ्ता कैदी यहां से इटावा भेजे जाएंगे। इस तरह करीब चार सौ कैदी कम किए जा सकेंगे। उन्होंने आगामी कोरोना महामारी की लहर से निपटने के लिए भी जेल प्रशासन को अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए। कहा, आवश्यकता पड़ने पर दोबारा अस्थाई जेल शुरू की जाएगी। जेल सुधारों पर बात करते हुए डीजी ने कहा कि 55 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रियायत दी जाएगी। महिला कैदियों के साथ रहने वाले छोटे-बच्चों के रहने की व्यवस्था भी बेहतरीन की जा रही है। झांसी में कैदियों के भोजन के लिए जेल के अंदर नई पाक शाला का निर्माण कराया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर के साथ ही बैरकों का भी निरीक्षण किया। कोरोना से निपटने एवं जेल के भीतर साफ-सफाई के लिए स्थानीय जेल प्रशासन की पीठ भी थपथपाई। इस दौरान वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल, एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
एनओसी देने में कड़ाई बरतने के निर्देश
पुलिस महानिदेशक कारागार आनंद कुमार ने अग्निशमन कार्यालय पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने वाहनों की दशा सुधारने के साथ ही बहुमंजिली इमारतों समेत अन्य प्रतिष्ठानों को दी जाने वाली एनओसी में कड़ाई बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने आग से निपटने के लिए अग्निशमन वाहनों की तैयारियों को भी देखा।