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इंटर कालेज के चौकीदार की मौत, शव पर दो महिलाओं ने ठोका दावा, घंटों रहा हंगामा

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झांसी। रविवार की देर रात को बरुआसागर स्थित एक बालिका विद्यालय के चौकीदार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार सुबह उसका शव कॉलेज परिसर में पड़ा मिला। हंगामा उस वक्त मचा जब चौकीदार के शव पर दो महिलाओं ने दावा ठोक दिया। दोनों ही चौकीदार को अपना पति बता रही थीं और पुलिस को प्रमाण भी दिखा रही थीं। पुलिस ने किसी की नहीं सुनी और शव को अपने साथ ले गई। पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार करा दिया गया।
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बरुआसागर पुलिस के मुताबिक मूलत: आंबेडकर नगर निवासी संजय वाल्मीकि (45) स्थानीय जगन्नाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में चौकीदार था। कालेज परिसर में ही वह रहता था। रविवार देर-रात को उसने शराब पी थी। शराब पीने के बाद अंदर कमरे में न जाकर बाहर ही सो गया। नशे के दौरान वह सोते समय नीचे गिर पड़ा। सुबह उसका शव मिला। उसके शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं थे। सूचना मिलने पर बरुआसागर पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी वेदप्रकाश पांडेय के मुताबिक संजय शराब पीने का आदी थी। घटना की रात भी उसने काफी शराब पी हुई थी। वहीं संजय का शव लेने के लिए पोस्टमार्टम हाउस पर दो महिलाएं पहुंच गईं। दोनों ही उसकी पत्नी होने का दावा कर रही थीं। समथर निवासी मीरा का कहना था कि वर्ष 1988 में उसका विवाह संजय से हुआ था और उनके दो बेटी एवं एक बेटा है। संजय शराब के नशे में मारपीट करता था। इस वजह से कुछ समय से वह मायके में रह रही थी। पड़ोसियों ने संजय की मौत की सूचना उसको दी। इसके बाद तुरंत वह अपने परिजनों के साथ चीरघर पहुंच गई। उसने अपने विवाह के फोटो भी दिखाए। वहीं, दूसरी महिला हंसारी निवासी ज्योति ने भी खुद को संजय की ब्याहता बताया। उसका कहना था कि संजय से उसकी शादी करीब 19 साल पहले हुई थी। उन दोनों ने बबीना में हिन्दू रीति-रिवाज के साथ शादी की थी। ज्योति का कहना था कि वह संजय के साथ रहती थी। उसने पुलिस को सदर निबंधक कार्यालय से निर्गत विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र भी दिखाया। दोनों के ही खुद को पत्नी बताने की वजह से पोस्टमार्टम हाउस में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। दोनों पक्ष से उनके परिजन भी मौजूद थे।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
दो महिलाओं के पत्नी होने का दावा करने से पोस्टमार्टम हाउस में काफी देर तक हंगामेदार स्थिति बनी रही। विवाद रोकने को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव दोनों में से किसी के हवाले नहीं किया। पुलिस शव लेकर खुद बरुआसागर स्थित श्मशान घाट पहुंची। यहां दोनों के परिजनों की मौजूदगी में पुलिस ने संजय का अंतिम संस्कार कराया। पड़ोसियों का कहना था कि संजय की सरकारी नौकरी एवं लाखों रुपये के फंड की वजह से विवाद पैदा हुआ है।
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