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झांसी में मध्य प्रदेश से फैल रहा फाइलेरिया, 60 मरीज

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मध्य प्रदेश से झांसी में फाइलेरिया फैल रहा है। - फोटो : ???? ????
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फाइलेरिया मुक्त झांसी फिर भी फूले हाथ-पांव लेकर घूम रहे 60 लोग
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झांसी। झांसी जनपद भले ही फाइलेरिया मुक्त हो लेकिन यहां पर 60 लोग फूले हुए हाथ-पांव लेकर घूम रहे हैं। इसकी बड़ी वजह जालौन, टीकमगढ़, करैरा समेत आसपास के जिले हैं। यहां से झांसी के लोगों का आवागमन बना रहा है, ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि यहीं से झांसी में फाइलेरिया के केस बढ़ रहे हैं। जालौन में ही इस बीमारी के 715 मरीज हैं।
फाइलेरिया का मच्छर गंदे पानी में पनपता है। फाइलेरिया के मरीज को बुखार आने के दौरान यदि मच्छर काट ले और फिर वो किसी दूसरे व्यक्ति को जाकर काटे तो उसमें भी इस बीमारी का संक्रमण प्रवेश कर जाता है। वैसे तो फाइलेरिया का संक्रमण शुरूआत में ही आ जाता है लेकिन कई सालों तक इसके लक्षण नजर नहीं आते। फाइलेरिया न सिर्फ व्यक्ति को विकलांग बना देती है, बल्कि इससे मरीज की मानसिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। फाइलेरिया के जब लक्षण शुरू होते हैं तो हाथ-पांव, अंडकोष, महिलाओं के ब्रेस्ट में से किसी भी अंग में दर्द शुरू हो जाता है। शुरूआत में ही इलाज हो जाने पर इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है। मगर इलाज में देरी की तो चारों में से कोई भी एक अंग अनियंत्रित रूप से दर्द के साथ बढ़ने लगता है।
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इस मच्छर के काटने से फैलता
फाइलेरिया बीमारी फाइलेरिया संक्रमण मच्छरों के काटने से फैलती है। ये मच्छर फ्युलेक्स एवं मैनसोनाइडिस प्रजाति के होते हैं। इसमें मच्छर एक धागे समान परजीवी को छोड़ता है। यह परजीवी हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है।
ये हैं लक्षण
आमतौर पर फाइलेरिया के कोई लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। हालांकि, बुखार, बदन में खुजली और पुरुषों के जननांग और उसके आसपास दर्द व सूजन की समस्या होती है। इसके अलावा हाथ-पैरों में सूजन, अंडकोषों की सूजन भी फाइलेरिया के लक्षण हैं। चूंकि, इस बीमारी में हाथ-पैरों में हाथी के पांव जैसी सूजन आ जाती है। इसलिए इस बीमारी को हाथी पांव भी कहा जाता है।
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ऐसे करें बचाव
- फाइलेरिया चूंकि मच्छर के काटने से फैलता है, इसलिए इनसे बचाव करें। घर के पास व अंदर सफाई रखें।
- पानी जमा न होने दें और समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव करें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर रहें।
- सोते समय हाथों और पैरों पर व अन्य खुले भागों पर सरसों या नीम का तेल लगाएं।
- हाथ-पैर में कहीं चोट या घाव हो तो उसे साफ रखें। साबुन से धोएं और फिर पानी सुखाकर दवा लगाएं।
वर्जन..
मौजूदा समय में झांसी में फाइलेरिया के 60 ही मरीज हैं। जबकि, जालौन में 715 हैं। इस साल जिले में सिर्फ दो ही केस मिले हैं। झांसी में आसपास के जनपदों से फाइलेरिया फैल रहा है। यदि किसी मरीज में इसके लक्षण दिखते हैं तो इलाज में कतई देरी न करें। - आरके गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी।
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