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खाद न मिलने पर आक्रोशित किसानों ने लगाया जाम

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fertiliser crisis, farmer road healdup - फोटो : DEHAT
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खाद न मिलने पर आक्रोशित किसानों ने मऊरानीपुर-गरौठा मार्ग किया जाम
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मऊरानीपुर। जिले में खाद की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को खाद न मिलने से परेशान किसानों ने गरौठा चौराहे पर जाम लगा दिया। जाम लगाने के दौरान महिला और पुरुष किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के दौरान एक किसान बेहोश होकर गिर गया। इससे वहां पर हड़कंप मच गया। साथी उसे उठाकर मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां पर उसका इलाज किया गया। जाम खुलने के बाद किसान नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर उसका हाल चाल लिया। जाम के दौरान दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई।
बुधवार को बड़ी संख्या में किसान खाद लेने के लिए सहकारी समिति पहुंच गए। वहां पर देर तक खड़े रहने के बाद भी जब खाद नहीं मिली तो किसानों का धैर्य जवाब दे गया। किसान नारेबाजी करते हुए मऊरानीपुर-गरौठा मार्ग स्थित चौराहे पर इकट्ठा होकर जाम लगा दिया। महिला किसान भी चौराहे पर धरने पर बैठ गईं। किसानों ने कहा कि बारिश के बाद खेतों में पलेवा हो गया है। अब बीज के साथ बुवाई करने के लिए खाद की जरूरत है। इसके बाद भी खाद नहीं मिल रही है। दस दिन से खाद के लिए लाइन लगा रहे हैं। सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जाम लगाने की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने भी किसानों को समझाकर जाम खुलवाने की बात कही। भीड़ में बड़ागांव निवासी किसान दिनेश की जेब में रखे 6050 रुपये गिर गए। जेब से रुपये गिरने पर वह तनाव में आकर वहीं पर बेहोश होकर गिर पड़ा। इससे वहां पर हड़कंप मच गया। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। वहां पर होश आने पर किसानों ने राहत की सांस ली। किसान ने बताया कि कर्ज लेकर खाद लेने के लिए आए थे। वह भी गिर गए। अब खाद कैसे मिलेगी।
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उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिव नारायण सिंह परिहार ने कहा कि सरकार की लापरवाही से खाद की किल्लत बढ़ गई है। किसानों को खाद की बहुत आवश्यकता है। उसकी बुवाई लेट हो रही है। सरकार अगर समय पर खाद नहीं देती तो मजबूरन किसान रोड पर उतरेंगे।
उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव व क्षेत्राधिकारी विवेक सिंह एवं कोतवाली प्रभारी राजदेवराम प्रजापति ने राजमार्ग पर धरना देकर बैठे किसानों को आश्वासन दिया कि वह अपनी निगरानी में खाद बटवाएंगे। अधिकारियों के अनुरोध पर किसानों ने जाम खोल दिया। इसके बाद किसान गल्ला मंडी स्थित खाद बिक्री केंद्र पहुंचे। जाम के दौरान आर के अहिरवार, बृजबिहारी राज, मोहम्मद साबिर खान, डॉ. राकेश श्रीवास, सपा नेता डॉ. रघुवीर चौधरी, प्रमोद खंदरका, मोती मेढ़की आदि मौजूद रहे। किसानों ने बेहोश होने वाले किसान को आर्थिक मदद देने की मांग की।
अफसरों ने अपने सामने बंटवाई खाद
मऊरानीपुर। गल्लामंडी स्थित पीसीएफ खाद बिक्री केंद्र पर प्रशासनिक अधिकारियों ने खाद का वितरण कराया। इस दौरान उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने किसानों से कहा कि हर किसान को पर्याप्त मात्रा में खाद दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। उप जिलाधिकारी ने अपने सामने किसानों को टोकन बंटवाए। टोकन के हिसाब से ही किसानों को खाद दी गई। उन्होंने किसानों से कहा कि शासन के पास पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। किसानों को खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। शाम तक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
किसान सहकारी समिति में भी खाद पड़ी कम
ककरबई। किसान साधन सहकारी समिति पर पर्याप्त मात्रा में खाद न आने की वजह से किसानों को परेशानी हो रही है। बुधवार को सुबह एक दर्जन गांव के किसान साधन सहकारी समिति पहुंच गए। खाद न मिलने पर किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
किसानों का कहना था की तीन-चार दिन से खाद के लिए भटक रहे हैं लेकिन उनका नंबर आने से पहले ही खाद समाप्त हो जाती है। खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान साधन सहकारी समिति पर पहुंच गए लेकिन 11 बजे तक सहकारी समिति
में किसी भी कर्मचारी के न आने से किसान निराश होने लगे। किसानों ने उपजिलाधिकारी गरौठा को अवगत कराया कि सहकारी समिति में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं है।
उपजिलाधिकारी ने समिति के कर्मचारियों को बुलाकर खाद वितरण करने के लिए भेजा लेकिन व्यवस्था के लिए समिति पर मात्र दो पुलिसकर्मी ही मौजूद थे जिसकी वजह से किसान धक्कामुक्की करने लगे। समिति के कर्मचारियों ने थाने पर सूचना दी। इस पर थानाध्यक्ष वीर सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ साधन सहकारी समिति पहुंचकर व्यवस्था संभाली। किसानों को एक-एक बोरी खाद दी गई। खाद कम होने पर तमाम लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। किसानों ने समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों ने बताया कि खाद की कमी से बुवाई नहीं हो पा रही है।
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सहकारी समिति में लगा ताला
बंगरा। कई सरकारी खाद की दुकानों और सेंटरों पर हालात सही नहीं हैं। किसान सुबह चार बजे से लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं लेकिन न तो खाद मिल रही है। लारोन, पठाकरका, उल्दन में सोसाइटी पर खाद नहीं है। सहकारी समितियों पर ताला
जड़ा हुआ है। किसान सुबह से लंबी कतारों में किसान खड़े रहते हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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