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झांसी: उपज कम होने से दुखी किसान ने जहर निगलकर दी जान, चार लाख रुपये का था उस पर कर्ज

Thu, 24 Mar 2022 11:06 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, झांसी

सार

मऊरानीपुर के मढ़वा गांव निवासी अंबिका पटेल ने कर्ज लेकर सात बीघा जमीन में मटर बोई थी। इसमें उसके हाथ सिर्फ 10 कुंतल मटर ही आई। बताया जा रहा है इससे फसल की लागत भी नहीं निकल पाई थी। साथ ही बैंक का भी चार लाख रुपये कर्ज था। जिससे परेशान होकर किसान ने मौत को गले लगा लिया। 
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कर्ज से परेशान किसान ने की खुदकुशी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मटर की उपज उम्मीद से कम होने से दुखी किसान ने खेत में ही जहर निगल लिया। उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। यहां उपचार के दौरान गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। 

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मऊरानीपुर के मढ़वा गांव निवासी अंबिका पटेल (40) पुत्र मुन्नीलाल खेती-किसानी करता था। परिजनों का कहना है उसने किसान क्रेडिट कार्ड पर करीब चार लाख रुपये रुपये कर्ज लिया था। कर्ज लेकर उसने करीब सात बीघा जमीन में मटर बोई। कुछ माह पहले फसल की कटाई हुई। इसमें उसके हाथ सिर्फ 10 कुंतल मटर ही आई। उसके भाई सत्यवान का कहना है कि इतनी उपज पर उसकी लागत भी नहीं निकल सकी। काफी कम उपज होने से अंबिका काफी परेशान था।

मंगलवार को वह खेत में काम करने पहुंचा था। इसी दौरान उसने जहर निगल लिया। कुछ देर बाद अचेत होकर वह खेत में गिर पड़ा। उसे अचेत देख आसपास काम कर रहे किसानों में हड़कंप मच गया। परिवार के लोग उसे लेकर मेडिकल कालेज पहुंचे। यहां उसे इमरजेेंसी वार्ड में भर्ती किया गया था। उपचार के दौरान गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। उसके परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र हिमांशु (6) एवं पुत्री प्रिया (13) हैं। उसकी मौत की खबर सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। थाना प्रभारी रणविजय सिंह का कहना है कि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मामले की छानबीन कराई जा रही है।
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केसीसी की किस्त भी नहीं कर पाया था जमा

अंबिका के परिजनों का कहना है कि उसने केसीसी से ऋण लेकर फसल लगाई थी। उम्मीद थी कि फसल होने पर ऋण चुकता करने के साथ ही अगले साल के लिए भी पैसे बच जाएंगे लेकिन, बारिश एवं ओले पड़ जाने से काफी फसल खराब हो गई थी। इस वजह से केसीसी की कोई किस्त भी वह जमा नहीं कर सका। परिजनों के मुताबिक केसीसी किस्त जमा न होने से भी वह परेशान रहता था।

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