संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। ग्वालियर-बरौनी मेल के एसी कोच में कूलिंग कम होने से यात्री परेशान रहे। दूसरी ओर, स्लीपर कोच में क्षमता से अधिक यात्री भरे हुए थे। यही कारण है कि स्लीपर कोच जनरल की तरह भरे हुए हैं। हाल यह है कि जान जोखिम में डालकर जनरल कोच में यात्री गेट पर लटककर यात्रा कर रहे हैं।
दोपहर के डेढ़ बजे प्लेटफॉर्म एक पर सैकड़ों यात्रियों की भीड़ खड़ी थी। उनके पास सामान्य से अधिक सामान भी थे। उस सामान को ट्रेन में कैसे चढ़ाया जाए, इसे लेकर सिवान जाने वाला एक परिवार चर्चा करता दिखा। इसी दौरान एक कुली ने डेढ़ सौ रुपये में सारा सामान सीट तक पहुंचाने का जिम्मा लिया।
इसी तरह, प्रत्येक कोच के सामने एक से दो कुली ट्रेन में सामान चढ़ाने और उनकी सीट तक पहुंचाने के लिए कवायद करते दिखे। समस्तीपुर के रहने वाले श्याम ने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले आरक्षण कराया था। परिवार के साथ वह अपने घर जा रहे हैं पर आरक्षण न होने से अब उनके परिवार को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ेगी।
दोपहर करीब 1:50 पर ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आई। ट्रेन के जनरल कोच में चढ़ने के लिए यात्रियों ने चलती ट्रेन में चढ़ना शुरू कर दिया। वहीं स्लीपर कोच में अपनी सीट पर पहुंचने के लिए लोगों ने इमरजेंसी वाली खिड़की से सामान चढ़ाने के बाद खुद भी उसी खिड़की से घुसकर अपनी सीट पर पहुंचे।
वहीं, एसी की बात करें तो ट्रेन के बी-2 और बी-3 के कोच में एसी नाम के थे। कम कुलिंग के चलते यात्रियों को एसी में गर्मी का एहसास हो रहा था। शिकायत के बावजूद कोच में कूलिंग नहीं बढ़ाई गई और ट्रेन रवाना हो गई। कोच में सवार यात्रियों का कहना था कि रेलवे यात्रियों से किराया तो पूरा वसूला जा रहा है लेकिन उस हिसाब से उन्हें सुविधा नहीं मिल रही है।
ट्रेन में साफ सफाई तो है पर इतनी भीषण गर्मी में एसी कम कूलिंग कर रहा है। ऐसे में उन्हें कोच में गर्मी का अहसास हो रहा है। शिकायत के बाद भी कूलिंग नहीं बढ़ाई गई। ऐसे में यात्रा करना मुश्किल होगा।- अनिशा सिंह, बरौनी
ट्रेन में एसी कोच में वेटिंग टिकट लेकर यात्रा कर रहे लोगों के कारण रिजर्व सीट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आरपीएफ ने उन्हें उतार दिया पर वे दोबारा चढ़ गए। - अनिल कुमार, बिहार
बच्ची को गर्मी का अहसास न हो, इसके लिए उन्होंने एसी कोच में रिजर्वेशन कराया था। बी-3 में सीट भी उन्हें मिली पर कोच का एसी सही काम न करने से बच्ची बहुत परेशान कर रही है। - प्रीति कुमारी, सिवान
गर्मियों में एसी कोच में कूलिंग कम होने की शिकायत आम है। यदि कोई यात्री शिकायत करता है तो तत्काल समस्या को दूर कराया जाता है। - मनोज कुमार सिंह, पीआरओ रेलवे