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Jhansi News: अब सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए ही पाले जा रहे विदेशी नस्ल के कुत्ते, जानें नियम

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संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। पहले सुरक्षा की दृष्टि से कुत्तों का पालन-पोषण किया जाता था, लेकिन अब विदेशी नस्ल के कुत्ते सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए पाले जा रहे हैं। यही कारण है कि लोगों में विदेशी कुत्तों को पालने का चलन बढ़ गया है। हर रोज आसपास के मैदान या पार्क में लोग विदेशी कुत्ते को लेकर टहलते हैं।



इन विदेशी नस्ल के कुत्तों को खरीदने और पालने के लिए लोग हजारों लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। ये कुत्ते जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका और रूस से लाए जा रहे हैं। अनुमान है कि झांसी में प्रत्येक 10 परिवार पर एक विदेशी कुत्ता पाला जा रहा है। यदि इस बात पर गौर करें तो शहर में कुत्तों की संख्या 10 से 15 हजार के बीच में होगी।
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नगर निगम में 1100 कुत्ते रजिस्टर्ड, पंजीयन में झांसी प्रदेश में में पांचवें स्थान पर

भले ही झांसी में कुत्तों का पंजीयन 10 फीसद लोग ही कराएं हो, लेकिन यह आंकड़ा यूपी के टॉप-5 नगर निगमों में शामिल है। नगर निगम झांसी में कुल 1100 कुत्ते पंजीकृत है।





ये है कुत्ता पालने के नियम

नगर निगम में पालतू कुत्ते का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के कुत्ते पालने पर 5 हजार रुपये जुर्माने की कार्रवाई का प्रावधान है। पंजीकरण में देसी का 100 और विदेशी का 200 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क निर्धारित है। कुत्ते की प्रजाति का उल्लेख आवेदन में करना जरूरी है। रजिस्टर्ड पालतू कुत्ते को एंटी रैबीज वैक्सीनेशन कराना अनिवार्य है। समय पर उसकी जांच कराना भी जरूरी है। पालतू कुत्ते को खुले सार्वजनिक स्थानों पर घुमाने पर प्रतिबंध है।सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने पर जुर्माने का प्रावधान भी है।
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वर्जन

कुत्ते को पालने के लिए पंजीयन अनिवार्य है। झांसी नगर निगम में 1100 कुत्ते पंजीकृत है। बगैर पंजीयन यदि कोई कुत्ता पालता है तो उस पर 5 हजार रुपये जुर्माने की कार्रवाई की जा सकती है।- डॉ. राघवेंद्र सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम झांसी
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