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दो सप्ताह बाद भी ट्रेनों में हुई लूट का नतीजा सिफर

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झांसी। पटना- इंदौर और पुष्पक एक्सप्रेस में हुई लूट की घटना के दो सप्ताह बाद भी जांच हवा हवाई रही। कानपुर, उरई, बांदा, झांसी की पुलिस टीम के साथ ही एसओजी को भी बदमाशों को पकड़ने के लिए सही दिशा नहीं मिल रही है। वहीं 900 चिह्नित नंबरों की डिटेल्स पर भी पुलिस की जांच अटकी हुई है। वहीं दोनों ट्रेनों में यात्रा कर रहे यात्रियों से भी पूछताछ की जा रही है।
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कार्रवाईयों के बाद भी अभी तक कोई सुराग जीआरपी और आरपीएफ को नहीं मिल सका है। फोन डिटेल्स से भी मिली जानकारी अभी तक उन्हें अपराधियों तक पहुंचाने में नाकामयाब रही हैं। जीआरपी और आरपीएफ पटना- इंदौर एक्सप्रेस के इंदौर के तुकोगंज निवासी दीपांशी तिवारी, पटना के सिरौनी निवासी अंजनी व बाराबंकी के हैदरगढ़ निवासी अनीता और पुष्पक एक्सप्रेस की उन्नाव से मुंबई जा रही महिला यात्री माधुरी चौधरी समेत ट्रेन में यात्रा कर रहे 50 से भी अधिक यात्रियों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अभी तक सुराग नहीं मिल सका है। जीआरपी ने रविवार को चिरगांव स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों से करीब 60 संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
जीआरपी और आरपीएफ के अतिरिक्त उरई, झांसी, कानपुर और बांदा की लोकल पुलिस और एसटीएफ की मदद से अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पांच टीमें लगातार काम रही हैं। रविवार को चिरगांव और आसपास के क्षेत्रों में जांच की गई। मोबाइल नंबरों संपर्क किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त झांसी से कानपुर के बीच के सभी टोल प्लाजा, ढाबे और होटलों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
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- मोहम्मद इमरान, एसपी जीआरपी झांसी।
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