झांसी। प्रेमनगर थाने के सिद्घ की टोरिया इलाके में पति-पत्नी का दोहरा हत्याकांड पुलिस के गले की फांस बन चुका है। करीब सवा महीना बीतने के बाद भी पुलिस वारदात में शामिल हत्यारों की संख्या मालूम नहीं कर सकी। पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं आया है। इस मामले का खुलासा न कर पाने की वजह से एक इंस्पेक्टर निलंबित भी किए जा चुके लेकिन, इसका भी कोई असर होता नहीं दिखता।
30 सितंबर को सिद्घ की टोरिया इलाके में सनसनीखेज वारदात अंजाम देते हुए हत्यारों ने डेयरी संचालक बलवीर यादव एवं उसकी पत्नी अंजू की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी थी। उसके बाद से हत्यारे लगातार पुलिस को चकमा देते हुए फरार चल रहे हैं। हत्यारों की तलाश में दो सीओ, पांच थानों के पुलिस फोर्स समेत स्वॉट टीम के तेज तर्रार समझे जाने वाले दारोगाओं की टीम दौड़ाई गई लेकिन, यह भारी-भरकम फौज भी सिफर साबित हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या से पहले यादव दंपती को नशीला पदार्थ खिलाए जाने की आशंका जताई गई थी। इसकी बिसरा जांच रिपोर्ट भी पुलिस अब तक हासिल नहीं कर सकी।
हत्याकांड के समय घर का बाहरी दरवाजा अंदर से खुला था। आशंका जताई जा रही थी कि हत्यारे सीढ़ी के रास्ते घर में दाखिल हुए और अंदर से बंद इस दरवाजे को खोलकर बाहर निकल गए लेकिन, पुलिस अभी तक यह तलाश नहीं कर सकी कि वारदात में कुल कितने अपराधी शामिल थे। वारदात स्थल को देखने के बाद घटना के पीछे दो से अधिक बदमाशों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही थी लेकिन, पुलिस अभी तक यह वर्कआउट भी नहीं कर सकी। वारदात के दौरान यह बात प्रकाश में आई कि यादव दंपती के पास डेयरी का बड़ा काम था। रोजाना इससे उनको नकदी में आय होती थी। दंपती ने जमीन में भी निवेश कर रखा था। पुलिस उनके आर्थिक पहलुओं की गुत्थी ़भी नहीं सुलझा सकी। यादव दंपती की कोई संतान नहीं थी। परिवार में सिर्फ चुनिंदा लोगों के साथ ही उनका मेल-जोल था। पुलिस इसकी पड़ताल भी पूरी नहीं कर सकी। प्रेमनगर इंस्पेक्टर जेपी पाल का कहना है अभी कोई नया तथ्य प्रकाश में नहीं आया है। मामले की तफ्तीश चल रही है।