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मुठभेड़ में दो बदमाशों को लगी पुलिस की गोली

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मुठभेड़ में दो बदमाशों को लगी पुलिस की गोली
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झांसी। गुरसराय थाना इलाके में बीती रात पुलिस से हुई मुठभेड़ में गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए। इस दरम्यान पुलिस ने घायल बदमाशों समेत चार को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों के पास से लूट के 74 हजार रुपये नकद, असलहा व कारतूस बरामद किए गए।
थाना गुरसराय इलाके के ग्राम सुट्टा निवासी रूप सिंह ने 24 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे बैंक से पैसा निकालकर घर जा रहे थे। इसी दरम्यान अज्ञात बदमाशों ने उन्हें लूट लिया था। इसके बाद से पुलिस बदमाशों की सुरागकशी में जुटी हुई थी। बीती रात गुरसराय-एरच रोड के छिरौरा मोड़ पर प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह, एरच थानाध्यक्ष त्रदीप सिंह व एसओजी प्रभारी राजेश पाल सिंह अपनी टीमों के साथ चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान छिरौरा की ओर से दो बाइक आती नजर आईं, जिन पर चार लोग बैठे हुए थे। पुलिस को देखकर उन्होंने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की। बचने के लिए दो बदमाशों ने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस की ओर से भी फायर किए गए, जो मछली बाजार डढियापुरा निवासी संजय उर्फ छोटू तथा मिरौना चिरगांव निवासी विमल अहिरवार के पैर में लगे, जिससे दोनों घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। इसके साथ उनके दो अन्य साथियों मिरौना चिरगांव निवासी शैलेंद्र अहिरवार व गुरसराय के ग्राम सुट्टा निवासी अमित खंगार को भी पुलिस ने पकड़ लिया। पकड़े गए बदमाशों के पास से लूट की रकम भी बरामद कर ली गई।
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रविवार को उक्त मुठभेड़ के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक (देहात) नैपाल सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में पकड़े गए संजय उर्फ छोटू पर आठ, शैलेंद्र अहिरवार, अमित खंगार व विमल अहिरवार पर दो-दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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25 दिन में 11 बदमाशों के पैर में लगी गोली
झांसी। जिले में एक के बाद एक पुलिस मुठभेड़ हो रही हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले 25 दिनों के भीतर छह पुलिस मुठभेड़ हो चुकी हैं और इनमें 11 बदमाश पुलिस की गोली का शिकार हुए हैं। खास बात ये है कि सभी के पैरों में गोली लगी है। सभी मुठभेड़ों में संबंधित थाना पुलिस के साथ एसओजी की बड़ी भूमिका रही। एसओजी प्रभारी राजेश पाल सिंह ने बताया कि पहले बदमाशों की ओर से गोली चलाई जाती है, इसके बाद पुलिस को आत्मरक्षा में हथियार उठाने पड़ते हैं। कोशिश रहती है कि बदमाशों को कम से कम नुकसान पहुंचे। ऐसे में उनके पैर पर गोली मारी जाती है।
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