फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल कालेज में कर्मचारियों की हड़ताल, बिना इलाज लौटे 1000 से ज्यादा मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। बृहस्पतिवार की सुबह को करीब साढ़े दस बजे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में मरीज शिफ्ट करने को लेकर हुई कहासुनी के बीच सर्जरी विभाग के एक जूनियर डॉक्टर ने वार्ड ब्वाय के साथ मारपीट कर दी। इससे नाराज मेडिकल कालेज के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इमरजेंसी और ओपीडी के पर्चे बनने बंद हो गए। इसके चलते दूर दराज से इलाज कराने के लिए आए 1000 से ज्यादा मरीज वापस लौट गए। जबकि तमाम ने प्राइवेट अस्पतालों में दिखाया। वहीं, सर्जरी विभागाध्यक्ष ने जांच कमेटी गठित करते हुए जेआर को निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज में एक मरीज को इमरजेंसी से सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया जाना था। वार्ड ब्वाय सुमित मरीज को ग्राउंड फ्लोर से ऊपर बने वार्ड में लेकर जा रहा था। उसे मरीज शिफ्ट करने में कुछ देर हो गई। जब वह मरीज को लेकर ऊपर वार्ड में पहुंचा तो सर्जरी विभाग का जूनियर डॉक्टर उस पर बिगड़ गया। कहा कि इतनी देर क्यों लग गई। फिर जेआर ने कर्मचारी के साथ मारपीट कर दी। नीचे आकर कर्मचारी ने अपने साथियों को घटना की सूचना दी तो सभी हड़ताल पर चले गए। इस दौरान न तो इमरजेंसी और न ही ओपीडी में कर्मचारियों ने काम किया। पर्चे बनाने भी बंद कर दिए। इस वजह से मरीज बिना इलाज कराए ही लौटने लगे। कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया। मगर उत्तेजित कर्मचारी जूनियर रेजिडेंट के तीन महीने के निलंबन की मांग पर अड़े रहे। आनन-फानन में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यप्रकाश ने जांच कमेटी का गठन किया। साथ ही समिति की रिपोर्ट आने तक विभागीय कक्षाओं और क्लीनिक कार्यों से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद में कर्मचारी शाम को करीब चार बजे इमरजेंसी में काम पर लौटे और बिलिंग का काम भी शुरू हुआ।
सिर्फ 235 पर्चे ही बन पाए
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज विभिन्न विभागों में दिखाने के लिए आते हैं। विवाद से पहले तक बृहस्पतिवार की सुबह कॉलेज में 235 ओपीडी पर्चे बन गए थे। विवाद होने के बाद काम ठप हो गया। लगभग 1000 से ज्यादा मरीजों के बिना इलाज लौटने की संभावना है।
विज्ञापन

मामले की जांच के लिए सर्जरी विभागाध्यक्ष ने कमेटी का गठन कर दिया है। साथ ही आरोपी जेआर को विभागीय कक्षाओं और क्लीनिक कार्यों से निलंबित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें