छतरपुर के ईशा नगर निवासी सुरेंद्र सिंह राजपूत छतरपुर विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी था। रविवार को उसने घर पर दोस्तों के सामने मजाक में विषैला पदार्थ निगल लिया। सुरेंद्र ने कहा, उसे कुछ नहीं होगा, लेकिन उसके थोड़ी ही देर बाद उसकी हालत खराब होने लगी। सोमवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
छतरपुर विश्वविद्यालय में तैनात एक कर्मचारी को मजाक महंगा पड़ गया। दोस्तों के साथ उसने मजाक-मजाक में विषैला पदार्थ निगल लिया। इसके कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। यह देख उसकी साथी भी घबरा गए। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी मौत हो गई।
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पुलिस के मुताबिक छतरपुर के ईशा नगर निवासी सुरेंद्र सिंह राजपूत (23) पुत्र बीपी राजपूत विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी था। रविवार को उसके कुछ दोस्त घर आए थे। इसी दौरान दोस्तों के सामने उसने मजाक में ही विषैला पदार्थ निगल लिया।
सुरेंद्र ने कहा, उसे कुछ नहीं होगा, लेकिन उसके थोड़ी ही देर बाद उसकी हालत खराब होने लगी। एक के बाद एक उसे कई उल्टियां हुईं। युवक की हालत बिगड़ती देखकर सभी लोग घबरा गए। तबीयत ज्यादा बिगड़ती देखकर परिवार के लोग उसे मेडिकल कॉलेज की ओर लेकर दौड़े। यहां सोमवार दोपहर उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। हालांकि उसके परिजन यह नहीं बता सके कि युवक ने कौन सा विषैला पदार्थ निगला था। घरवालों के मुताबिक सुरेंद्र अभी अविवाहित था। उसके विवाह की बात चल रही थी, कुछ महीने बाद उसका विवाह होना था।