झांसी। कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते साल 2020 लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ा। कोरोना के चलते तमाम लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। वहीं नगर निगम में जन्म और मृत्यु पंजीकरण के आंकड़े बताते हैं कि महानगर में साल भर में जान गंवाने वालों से ज्यादा बच्चे पैदा हुए हैं। सितंबर महीने में ही 1444 बच्चों के जन्म का पंजीकरण कराया गया। वहीं नवबंर में सबसे कम 353 लोगों की मौत हुई।
महानगर में कोरोना ने खूब कोहराम मचाया था। अब तक 174 लोगों की कोरोना के चलते मौत हो चुकी है। साल 2020 में तमाम लोग जिंदगी गंवा बैठे। वहीं नगर निगम का जन्म और मृत्यु पंजीकरण का आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है। निगम में हुए पंजीकरण के मुताबिक महानगर में मरने वालों की संख्या साल भर में पैदा होने वाले बच्चों से भी आधी है। नगर निगम में सालभर मेंदस हजार बच्चों के जन्म का पंजीकरण कराया गया, तो पांच हजार लोगों की मौत का पंजीकरण किया गया। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के प्रभारी मोहम्मद परवेज खान का कहना है कि जन्म मृत्यु पंजीकरण के लिए आवेदन आ रहे हैं। लोगों को तय समय में प्रमाण पत्र बनाकर दिए जा रहे हैं।
लगातार बढ़ रही भीड़
नगर निगम में जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए लगातार भीड़ बढ़ रही है। दरअसल लॉकडाउन के चलते मार्च के अंत, अप्रैल, मई माह में पंजीकरण का काम बंद रहा। इसके बाद जून में पंजीकरण शुरू हुए, तो लोगों की भीड़ बढ़ी। अब भी तमाम लोग पंजीकरण कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
फार्म लेने पर दर्ज होगा ब्योरा
नगर निगम में तमाम लोग जन्म-मृत्यु पंजीकरण के फार्म ले जाते थे। जिनके जरिए लोगों से पंजीकरण के नाम पर दलाली की जाती थी। इसे लेकर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। जिसके बाद फार्म लेने वाले हर व्यक्ति का अब ब्योरा दर्ज किया जा रहा है।
जरूरत के अनुसार आंकड़ों को लगाए या नहीं
माहवार आंकड़े
माह जन्म मृत्यु
जनवरी 715 341
फरवरी 855 440
मार्च 822 526
जून 1168 677
जुलाई 870 436
अगस्त 913 475
सितंबर 1444 441
अक्तूबर 1346 520
नवंबर 914 353
दिसंबर 1104 511