झांसी। कोरोना ने सराफा कारोबार को भी करारी चोट दी है। पिछले साल लॉकडाउन में हुए नुकसान से व्यापारी उबर नहीं पाए थे, तो अब दूसरी लहर ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। व्यापारियों की मानें तो कोरोना काल में सराफा कारोबार को करीब 100 करोड़ का नुकसान हो चुका हैै। तमाम व्यापारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
कोरोना संक्रमण से हर व्यवसाय को बुरी तरह से प्रभावित किया है। सराफा कारोबार भी इससे अछूता नहीं है। पिछले साल लॉकडाउन ने मारा, तो इस बार दूसरी लहर ने कारोबारियों को पस्त कर दिया। कोरोना कर्फ्यू से राहत मिली, तो कुछ आमदनी होने की उम्मीद जगी थी, लेकि न अब तक कई दुकानदारों की बोहनी तक नहीं हुई है। सहालग सीजन होने के बाद भी कारोबारियों को आर्थिक परेशानी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। कर्फ्यू हटने के बाद लोग बाजार में सिर्फ जरूरत के सामानों की खरीदारी कर रहे हैं। शहर की ज्वैलर्स की दुकानों पर कारोबारी हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। वहीं, शनिवार व रविवार की बंदी होने से हालत और भी बदतर हो गए हैं। जिससे सराफा कारोबारियों को काफी नुकसान हो रहा है।
जब से कोरोना कर्फ्यू हटाया है तब से बाजारों में जमकर भीड़ जुट रही है। लेकिन सप्ताह भर गुजर जाने के बाद भी एक भी ग्राहक खरीदारी करने के लिए नहीं आया है। सुधीर कुमार सोनी, सराफा व्यापारी
पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू ने कारोबारियों की कमर तोड़ कर रख दी है। कारोबार को 100 करोड़ से अधिक घाटा होने का अनुमान है। देवेश त्रिपाठी, सराफा व्यापारी
कर्फ्यू खुलते ही काफी उम्मीदें जाग गईं थी। लेकिन सुबह से शाम तक ग्राहकों का इंतजार करते रहते हैं। दुकान का किराया और कर्मचारियों की तनख्वाह जेब से दे रहे हैं। नीतेश सोनी, सराफा व्यापारी
बाजार खुलते ही भीड़ तो काफी देखने को मिल रही है। लेकिन सिर्फ जरूरतों के सामान की ही बिक्री हो रही हैै। सिर्फ पायल, बिछिया ही बिक रहे हैं। मनोज वर्मा, सराफा व्यापारी