झांसी। बृहस्पतिवार को बिसाती बाजार स्थित मदरसा तालिमुल कुरआन व मस्जिद नवाब में अल-खैर-बैतुल माल की ओर से ऑनलाइन जलसे का आयोजन किया गया, जिसमें देश व विदेश के लगभग 500 लोगों ने हिस्सा लिया। जलसा में मौलाना इलियास भटकली ने इस्लाम की बारीकियाें को बताया। जलसे के अंत में कोरोना के खात्मे की दुआ मांगी गई।
जलसे के दौरान मौलाना ने बताया कोरोना महामारी इंसानों के गुनाहों का नतीजा है। इंसानों को तौबा अख्तियार करना चाहिए। अल्लाह पाक बड़े ही रहम और करम करने वाले हैं। तौबा जरूर कबूल की जाएगी। उन्होंने कहा की यह बड़ा ही नाजुक दौर है। इस दौर में हम सभी को जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। सबसे बड़ा हक पड़ोसी का है। अगर पड़ोसी भूखा है और हमने खाना खा लिया तो वह खाना हम पर हराम होगा। पड़ोसी किसी भी मजहब और जाति का हो इससे कोई फर्क नही पड़ता है। बताया कि बेहतरीन अखलाक (व्यवहार) ही मुस्लिम की पहचान है। हम सभी को एक दूसरे के साथ अच्छा अखलाक पेश करना चाहिए। जलसे की अध्यक्षता मुफ्ती साबिर कासमी ने की। इस मौके पर संयोजक सैय्यद ताबिश अली, हाफिज मोहम्मद अशफाक, मुफ्ती सिद्दीक, मौलवी अजीम मौजूद रहे। मौलाना मकबूल अहमद ने दुआ की। आभार मुफ्ती खालिद ने जताया।