मेडिकल कालेज के डॉक्टरों पर तीमारदारों से मारपीट का आरोप लगा है। पीड़ित महिला ने बताया कि वह दादी का इलाज कराने आई थी। डॉक्टरों ने मेडिकल स्टोर से दवाएं मंगाकर रख लीं। दवा वापस मांगने व इलाज के लिए कहने पर डॉक्टरों ने लाठी-डंडों व सरिया से हमला कर दिया। उसे व परिजनों को चोट आई। अज्ञात डॉक्टरों व स्टाफ पर एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया है।
सदर बाजार थाने के खिरकपट्टी भट्टागांव की प्रेरणा वर्मा ने नवाबाद थाना में शिकायती पत्र दिया। बताया कि उसकी दादी कस्तूरी देवी की हालत बिगड़ने पर वह उन्हें लेकर बीते 25 सितंबर को मेडिकल कालेज पहुंची। दोपहर एक बजे डॉक्टरों ने बिना दादी की जांच किए पर्चे पर दवाइयां लिखकर बाहर से लाने को कहा। वह दवा लेकर पहुंची तो डाक्टरों ने नाम पूछकर उससे अशोभनीय व्यवहार किया और दादी को इमरजेंसी से वार्ड में भेज दिया। बाहर से खरीदकर लाई दवाओं को वापस मांगने पर डॉक्टरों ने गाली-गलौज कर लाठी-डंडों, लात-घूंसों व सरियों से हमला कर दिया। हमले में वह, उसका भाई प्रशांत, मोहित व बहन रुकमणी, कल्याणी एवं माता-पिता प्रेमलता व राकेश एवं फूफा पंजाब सिंह घायल हो गए। इसकी शिकायत उसने डायल 112 पर दी। पुलिस के पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसके मोबाइल को छीनकर जमीन पर पटक दिया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने बीच-बचाव किया व दादी को अन्य अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी डाॅक्टरों ने निजी अस्पताल के स्टाफ को भी धमकाया, जिससे दादी का ठीक से इलाज नहीं हुआ। घर ले आने पर दादी की मौत हो गई। डॉक्टरों के खिलाफ चौकी विश्वविद्यालय से शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। नवाबाद थाना प्रभारी रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।