झांसी। बीयू के स्ववित्तपोषित योजना के तहत कार्यरत सहायक आचार्यों ने पदोन्नति में योग्यता, अनुभव और शैक्षणिक योगदान को प्राथमिकता देने और वेतन को आधार न बनाने का सुझाव यूजीसी को दिया है।
बीयू के डॉ. कौशल त्रिपाठी, डॉ. विजय कुमार यादव, डॉ. प्रकाश चंद्र, डॉ. आकाश कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि यूजीसी विनियम 2025 के ड्राफ्ट के लिए यूजीसी ने सुझाव मांगे हैं। सेल्फ फाइनेंसिंग स्कीम के तहत कार्य कर रहे शिक्षकों ने सुझाव दिया है कि पदोन्नति में वेतन को प्राथमिकता नहीं दी जाए।
इनका कहना है कि विवि एवं कॉलेज में सहायक आचार्य पद पर चयन यूजीसी के मानक पर हुआ है। पदोन्नति के समय वेतन संरचना जोड़ने से पदोन्नति से वंचित हो रहे हैं। यूजीसी को सामान्य कार्य समान वेतन नियम लागू करना चाहिए। वेतन संरचना के आधार पर पदोन्नति रोकना अन्यायपूर्ण है। ब्यूरो