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झांसे में न आएं, रोशनी बढ़ाने के बजाए छीन सकता है सुरमा

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झांसी। आंखों की रोशनी बढ़ाने का दावा करते हुए बसों में बिकने वाला सुरमा बेहद खतरनाक है। सुरमा बेचने वालों के झांसे में न आएं, यह रोशनी बढ़ाने के बजाए आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा खूबसूरत दिखने के लिए लगाया जाने वाला काजल भी आंखों में इंफेक्शन पैदा कर बीमार कर सकता है।
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सुरमा दानेदार होता है। डॉक्टरों की मानें तो आंखों में सुरमा लगाते समय दाने से चुभन हो जाने की वजह से कॉर्निया पर रगड़ या घाव हो सकता है। ये अल्सर में बदल सकता है। कुछ मामलों में इससे अंधापन भी हो सकता है। चूंकि, सुरमा महिलाएं एक-दूसरे को भी लगाने के लिए देती हैं। इससे यदि एक को इंफेक्शन हुआ तो दूसरे में भी फैल सकता है। वहीं, बच्चों के पैदा होते ही लोग ये सोचकर काजल लगाना शुरू कर देते हैं कि उनकी आंखें बड़ी हो जाएंगी। नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि समाज में ये भ्रांति है। काजल लगाने से आंखों के बड़ा होने या न लगाने से छोटा होने का कोई संबंध नहीं है। उल्टा लोग जब बच्चों को काजल लगाते हैं तो फिर उनके हाथ साफ नहीं होते हैं। इससे बच्चों की आंखों में इंफेक्शन हो जाता है। फिर आंख को गले से जोड़ने वाली नली में ब्लॉकेज होता है। अक्सर आंखें बीमारी हो जाती हैं, इनमें इंफे क्शन हो जाता है। इसका इलाज अधिकांश मामलों में ऑपरेशन ही है।
गर्मियों में आंखों में 25 फीसदी संक्रमण बढ़ा
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि गर्मी के मौसम में वातावरण में बैक्टीरिया ज्यादा पनपने लगते हैं। इस कारण बिना साफ हाथों काजल लगाने से संक्रमण होने के मामले में 25 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। आंखों से पानी आने, ललिमा के साथ कई मरीज नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास पहुंच रहे हैं।
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ये हैं संक्रमण के लक्षण
- आंखें लाल होना
- पानी आने लगना
- चुभन सी महसूस होना
- उठते समय कीचड़ से आंख चिपकना
सुरमा दानेदार होता है, यह कॉर्निया को नुकसान पहुंचाकर अल्सर कर सकता है। इससे अंधापन हो सकता है। वहीं, गंदे हाथ से लगा काजल लगाने से बीमारी हो सकती है। गर्मियों में तो आंखों का इंफेक्शन 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। - डॉ. शमी, नेत्र रोग विशेषज्ञ।
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