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दीपावली पर साज-सज्जा सामान, मूर्तियों से ही चीन को 50 करोड़ का झटका देगा बुंदेलखंड

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दीपावली के लिए मानिक चौक दुकानों पर सजे कंडील। अमर उजाला
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दीपावली पर साज-सज्जा सामान, मूर्तियों से ही चीन को 50 करोड़ का झटका देगा बुंदेलखंड
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झांसी। भारत में इस बार आत्मनिर्भर दीपावली मनने वाली है। दीपावली पर साज-सज्जा, मूर्तियों, झालरें समेत ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स सामान स्वदेशी ही प्रयोग किया जाएगा। इन सब सामानों से बुंदेलखंड चीन को 50 करोड़ रुपये का झटका देगा। व्यापारियों ने भी चाइनीज सामान से तौबा कर ली है। वहीं, बाजार में आने वाला स्वदेशी सामान चीन की तुलना में अधिक टिकाऊ और आकर्षक है।
आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में दीपावली देश के लिए बड़ा मौका लेकर आई है। पिछले कई दशकों से भारत के बड़े पर्वों में से एक दीपावली पर भी दुश्मन देश चीन बड़ा मुनाफा कमाता आ रहा है। पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो दीपावली पर 70 हजार करोड़ रुपये के व्यापार में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का सामान चीन से आयात हुआ था।
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हालांकि, इस बार कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आह्वान को देश भर में व्यापारियों ने चीनी समान को नहीं बेचने का संकल्प लिया है। इसका व्यापक असर भी दिख रहा है। झांसी समेत बुंदेलखंड से ही दीपावली पर झालर, बल्ब, डिजाइनिंग लाइटें, झूमर, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों, स्टीकर, मोमबत्ती, बंधनवार समेत विभिन्न साज-सज्जा के सामानों से चीन को 50 करोड़ का झटका लगने वाला है।
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आपूर्ति कम, मांग है ज्यादा
कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में कामकाज पूरी तरह बंद होने और चीन से माल न मंगाने के बावजूद भारतीय कामगारों ने जीतोड़ मेहनत कर सामान तैयार किया है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले दो-तीन महीनों में कामगारों ने दस-बारह घंटे से अधिक काम कर दिखाया है। हालांकि, अभी भी सामान की मांग ज्यादा है और आपूर्ति कम हो पा रही है। ऐसे में रोजाना माल तैयार हो रहे हैं।
किस सामान से चीन को कितना नुकसान
लाइटें, झालर - 15 करोड़
साज-सज्जा - 25 करोड़
मूर्तियां - 9.50 करोड़
कैंडल - 25 लाख
दीये - 25 लाख
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