- बैंक खाता, ओटीपी, पासवर्ड न करें शेयर, हो सकता है साइबर फ्रॉड
संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। आधुनिक तकनीक जहां एक ओर जीवन को सहज बना रही है। वहीं, दूसरी ओर अपराध का चेहरा भी बदल रही है। साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए कानून व्यवस्था को भी अब डिजिटल मोर्चे पर सजग रहना जरूरी हो गया है। इसी कड़ी में सीओ मोंठ अजय श्रोतिय ने रविवार को एक संवाद में डिजिटल अपराधों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सीओ मोंठ ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग अब फोन कॉल, ईमेल, सोशल मीडिया, फोन-पे और नकली वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में अपराधी खुद को बैंक कर्मचारी या सरकारी अधिकारी बताकर ओटीपी, पासवर्ड और आधार नंबर जैसी गोपनीय जानकारी मांगते हैं और खाते से रकम पार कर देते हैं।
सीओ ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से प्राप्त कॉल या मैसेज पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। साथ ही सोशल मीडिया पर अनजाने लिंक पर क्लिक करने से भी बचें। उन्होंने कहा कि पुलिस की साइबर सेल तत्परता से सक्रिय है और पीड़ित लोग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
सीओ श्रोतिय ने यह भी बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में जागरुकता अभियान चलाकर सर्तकता बरती जाएगी। ताकि युवा वर्ग को साइबर क्राइम से सचेत किया जा सके। उन्होंने डिजिटल साक्षरता बढ़ाने पर बल दिया और कहा कि आमजन को तकनीक का सही उपयोग सीखने की जरूरत है।