झांसी। नगर निगम की लिफ्ट में गिरकर आसिफ की मौत के मामले में पांच दिन बीतने के बाद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी। परिजनों की तरफ से अब तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली है। जिसके चलते पुलिस को जांच में परेशानी भी उठानी पड़ रही है। घटना के बाद पुलिस की जांच भी अब तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं।
बीते बुधवार रात थाना नवाबाद स्थित सिविल लाइन निवासी रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर सामिद हुसैन के पुत्र आसिफ हुसैन उर्फ गुड्डन (32) की नगर निगम की लिफ्ट में गिरकर मौत हो गई थी। करीब पांच दिन बीतने के बाद भी पुलिस यह पता नहीं लगा सकी कि आखिर आसिफ नगर निगम क्यों आया था। यह अब तक पुलिस से लेकर नगर निगम की जांच टीम के लिए रहस्य बना हुआ है। जांच के दौरान यह बात जरूर सामने आई थी कि पुलिस को देखकर भागते समय आसिफ लिफ्ट तक पहुंचा था। इसके बाद उतरते समय गिरकर उसकी मौत हुई थी। सवाल उठता है कि आखिर आसिफ भागा क्यों था। अब तक इस प्रकरण में पुलिस एफआईआर भी दर्ज नहीं कर सकी, क्योंकि परिजनों की तरफ से तहरीर भी नहीं मिली है। पुलिस ने संपर्क करने का भी प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने तहरीर नहीं दी। ऐसे में पुलिस को जांच में परेशानी उठानी पड़ रही है।
बिना सूचना दिए जुआरियों को पकड़ने पहुंचा था सिपाही
घटना वाली रात पुलिस जुआरियों को पकड़ने आई थी, तभी पुलिस को देखकर आसिफ भागा था। उसी दौरान आसिफ की मोपेड पर मिली कट्टियां से दस लीटर डीजल मिला था। जिस पर कई सवाल खड़े हुए थे। जांच दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि नवाबाद थाने का एक सिपाही अधिकारियों को बिना सूचना दिए जुआ पकड़ने नगर निगम पहुंचा था। जबकि, नगर निगम में प्रतिदिन जुआ होता था। ऐसे में बुधवार वाली रात उसके बिना सूचना दबिश देने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आसिफ की मौत के मामले में सिपाही को पूरे घटनाक्रम की जानकारी है, लेकिन वह बताने में कतरा रहा है। एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि परिजनों ने अब तक तहरीर नहीं दी है, लेकिन फिर भी पुलिस की जांच जारी है। तहरीर मिलते ही पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है।