झांसी। इस साल लटके रहे झांसी के विकास के तमाम प्रोजेक्ट 2022 में रफ्तार पकड़ेंगे। स्वास्थ्य, शिक्षा, फोरलेन, ओवरब्रिज से जड़ी योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। ऐसे में अगले साल झांसी के विकास को पंख लगेंगे। खास बात ये है कि बुंदेलखंड समेत झांसी के लिए सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना हर घर जल योजना का काम भी अगले साल तक पूरा हो जाएगा। इससे क्षेत्र में पानी का बड़ा संकट दूर हो जाएगा। अभी भी इस योजना के तहत जिले में 30 फीसदी से ज्यादा काम हो चुका है। पेश है ये रिपोर्ट।
दूरी होगी पानी की किल्लत, घर-घर आएगा पानी
झांसी समेत बुंदेलखंड की जनता को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए महत्वाकांक्षी योजना हर घर जल योजना का काम भी 2022 में पूरा हो जाएगा। क्षेत्र की यह बड़ी समस्या है, जिस पर तेजी से काम हो रहा है। पेयजल महायोजना पर 445 करोड़ रुपये खर्च होेने हैं। योजना पूरी होने के बाद शहर और ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों को घर पर ही पेयजल मिल सकेगा। महायोजना के अंतर्गत महानगर में पानी पहुंचाने के लिए लगभग 300 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डाली जानी है। 50 फीसदी से ज्यादा काम हो चुका है। महानगर तक पानी पहुंचाने के लिए माताटीला बांध से 195 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन से बबीना तक पानी लाया जाएगा। इसके लिए बांध पर एक सीपी टैंक, माताटीला से बबीना तक 24.50 किलोमीटर तक कच्चे पानी के लिए 1,700 मिलीमीटर व्यास की पाइप लाइन और जल शोधित पानी को पहुंचाने के लिए बबीना से झांसी तक 27.50 किलोमीटर की पाइप लाइन डाली जा रही है। इसके अंतर्गत 11 भूमिगत जलाशय (सीडब्लूआर) और नौ टंकियां बनाई जा रही हैं।
वित्तीय स्वीकृति मिलते ही बनने लगेगा ओवरब्रिज
ग्वालियर रोड क्रॉसिंग पर लोगों को जाम की समस्या से जल्द निजात मिलेगी। शासन से वित्तीय स्वीकृति मिलते ही ओवरब्रिज के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। ओवरब्रिज के निर्माण के लिए रेलवे अपनी तरफ से 42 करोड़ रुपये दे चुका है। ब्रिज की अनुमानित लागत 117 करोड़ है। वहीं, सेतु निगम ने अनुमानित ड्राइंग और एस्टीमेट पीडब्ल्यूडी विभाग लखनऊ के पास भेज दिया है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास विभाग मिलकर बाकी पैसा देंगे। पीडब्ल्यूडी विभाग से शासनादेश जारी होते ही फाइनल ड्राइंग तैयार होगी। फिर धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। बताया गया कि इसमें दो पुल आने-जाने के लिए सटकर बनेंगे। पुल होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर की मोड़ से उठकर दूसरी तरफ महिला पॉलीटेक्निक के पास जाकर उतरेगा। ब्रिज बनने के बाद एक बड़ी आबादी को जाम की समस्या से निजात मिल जाएगी।
झांसी-खजुराहो फोरलेन पर फर्राटा भरेंगे वाहन
झांसी-खजुराहो फोरलेन हाईवे के निर्माण भी 2022 में पूरा हो जाएगा। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा झांसी से मध्य प्रदेश के खजुराहो तक 186 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाइवे का निर्माण किया जा रहा है। सड़क का निर्माण 2018 में शुरू किया गया था और पूरा नवंबर 2020 में होना था लेकिन अभी भी काम अधूरा ही पड़ा है। पहले मध्य प्रदेश के निवाड़ी में एनएचएआई को समस्या का सामना करना पड़ा था। यहां भी अधिग्रहीत जमीन मिलने में देरी हुई थी। अब झांसी के सकरार में मामला फंसा हुआ है। यहां स्थानीय लोग मुआवजा राशि को कम बता रहे हैं। फ्लाईओवर के दोनों ओर बनने वाली सर्विस लेन की चौड़ाई को लेकर भी कम करने की मांग की जा रही है। हालांकि, यह समस्या जल्द निपटने की संभावना है। नए साल में इस मार्ग पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे।
लक्ष्मी तालाब में कर सकेंगे नौका विहार
स्मार्ट सिटी योजना अंतर्गत लक्ष्मी तालाब के सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। तालाब के बीच में महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा, तालाब के चारों ओर पाथ-वे, पर्यटकों के लिए सेल्फी प्वाइंट, नौका विहार आदि कार्य होंगे। इन कामों पर लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 2022 के अंत तक ये काम पूरा हो जाएगा। लक्ष्मी तालाब के चारों ओर पक्के नालों का निर्माण कराया जा रहा है। ताकि, नालों का गंदा पानी लक्ष्मी तालाब में नहीं जा सके। गंदा पानी नारायण बाग में जलनिगम द्वारा बनाए गए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा, जहां पानी को साफ कर लक्ष्मी तालाब में डाला जाएगा। लक्ष्मी तालाब के प्रवेश द्वार का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। लक्ष्मी मंदिर की ओर पार्क का निर्माण, पर्यटकों के लिए पार्किंग की सुविधाएं, खानपान एवं ई-शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।
आखिरी किस्त मिलते ही शुरू होगा 500 बेड अस्पताल
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन 500 बेड अस्पताल भी नए साल में शुरू हो सकता है। कॉलेज का 90 फीसदी काम पूरा है। लगभग 70 करोड़ रुपये की आखिरी किस्त की मंजूरी मिलते ही इसका निर्माण कार्य फिर शुरू हो जाएगा। शासन स्तर पर भी इसकी फाइल तलब कर ली गई है। अस्पताल में वेंटिलेटर, एचएफएनसी समेत 25 करोड़ रुपये की मशीनें आनी हैं। इसके अलावा अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट भी लगेगा। यहां पर नेशनल एनएमसी के मानक अनुसार डॉक्टरों की नियुक्ति होगी। थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन, 64 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन भी लगनी है। ये जांचें निजी सेंटरों पर काफी महंगी होती हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज की मशीनें काफी पुरानी हो जाने पर बार-बार बार.बार खराब भी हो जाती है।
तीन नए डिग्री कॉलेज खुलेंगे, कम फीस में कर सकेंगे पढ़ाई
युवाओं को कम फीस पर उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बुंदेलखंड में नौ राजकीय डिग्री कॉलेज को मंजूरी दी है। इसमें झांसी के बिजौली, बबीना के गणेशपुरा, मऊरानीपुर के कटेरा में कॉलेज खुलना है। इन कॉलेजों में 70 से 90 फीसदी तक काम पूरा हो गया है। 2022 तक सभी कॉलेजों को निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद युवा कम फीस पर पढ़ाई कर सकेंगे। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के अंतर्गत निर्माणाधीन इन कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से पढ़ाई भी शुरू करने की तैयारी है। इसको लेकर शासन भी बेहद गंभीर है। ये महाविद्यालय विश्वविद्यालय को संघटक कॉलेज के तौर पर दिए जाएंगे। ऐसे में कौन-कौन सा कोर्स चलना है, कितना स्टाफ की जरूरत है आदि का संपूर्ण ब्योरा बीयू तैयार करके जल्द शासन को भेजेगा।