झांसी। बाहर बड़ागांव गेट स्थित सुंदरपुरी बाग में विराजमान श्रीश्री 1008 राजा बाबा महाकालेश्वर की महिमा निराली है। बाबा भोलेनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने वाले भक्तों को बाबा मनवांछित फल देने वाले हैं, इसीलिए इस मंदिर को राजा बाबा मंदिर कहा जाता है। गोसाइयों द्वारा बनवाया गया यह मंदिर तकरीबन 400 वर्ष पुराना है।
सुंदरपुरी का बाग औषधीय पेड़-पौधों से भरा है। मंदिर में भोलेनाथ का प्राचीन शिवलिंग अद्तिीय है। मंदिर के ठीक सामने माता तुलसी का एक सुंदर अरघा है। मंदिर के भीतर भगवान भोलेनाथ भव्य स्वरूप में विराजमान हैं। मंदिर कमेटी के पदाधिकारी राजेश पुरोहित बताते हैं कि मंदिर श्रीयंत्र स्वरूप में स्थापित है। मंदिर परिसर में बगिया के पास जूना अखाड़ा के गिरी महाराज की समाधि है। मंदिर में भगवान श्रीगणेश, मां भवानी, श्री हनुमान, भैरव भगवान और नंदी बाबा की मूर्तियां विराजमान हैं। वहीं, सुंदरपुरी बाग में महामृत्युंजय सरकार मंदिर और हजारिया महादेव मंदिर भी स्थापित हैं।
मंदिर में होंगी भोलेनाथ के विवाह की रस्में
झांसी। कमेटी के पदाधिकारी राजेश पुरोहित ने बताया कि महाशिवरात्रि पर सुबह भोलेनाथ का रुद्राभिषेक होगा। इसके बाद सुबह 11 बजे भोलेनाथ की बरात निकाली जाएगी। मंदिर में शिवजी के विवाह की वैवाहिक रस्में पंडितों द्वारा कराई जाएंगी। इसके बाद रात 10 बजे भोलेनाथ का अभिषेक किया जाएगा। यह अभिषेक अगले दिन सुबह 4 बजे तक चलेगा। इसके बाद पूजन और आरती होगी। इस कार्यक्रम के बाद मंदिर में कच्ची पंगत खिलाई जाएगी। सभी को भोलेनाथ का प्रसाद बांटा जाएगा।
महाशिवरात्रि पर होगी विशेष पूजा
झांसी। मंदिर के पुजारी अनिल विदुआ बताते हैं कि इस प्राचीन मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन करने मात्र से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मंदिर के भीतर का स्वरूप अभी भी अति प्राचीन और अपने मूल स्वरूप में दिखता है। सावन माह और महाशिवरात्रि पर मंदिर में विशेष पूजा और अभिषेक होते हैं।