महानगर में अब डेंगू के संवेदनशील क्षेत्रों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। इसमें आवास विकास, महाराणा प्रताप नगर और डड़ियापुरा का नाम जुड़ गया है जबकि, नगरा और नई बस्ती संवेदनशील इलाकों की सूची से हटा दिए गए हैं। वहीं लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है।
महानगर में अब डेंगू के संवेदनशील क्षेत्रों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। इसमें आवास विकास, महाराणा प्रताप नगर और डड़ियापुरा का नाम जुड़ गया है जबकि, नगरा और नई बस्ती संवेदनशील इलाकों की सूची से हटा दिए गए हैं। वहीं लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है।
विज्ञापन
संवेदनशील इलाकों में बदलाव
पिछले दस सालों के आंकड़ों को देखें तो झांसी में वर्ष 2018 में डेंगू के सर्वाधिक 288 मामले सामने आए थे। तब शहर में शिवाजी नगर, तालपुरा, खुशीपुरा, नगरा, नई बस्ती, हसारी डेंगू के संवेदनशील क्षेत्र घोषित किए गए थे। इसके बाद से लगातार इन्हीं इलाकों में डेंगू के लगभग 50 प्रतिशत मामले सामने आते रहे। मगर अब मलेरिया विभाग ने संवेदनशील इलाकों में बदलाव किया है।
लार्वी साइट का छिड़काव
पिछले कुछ सालों में मिले डेंगू के मामलों को मद्देनजर रखते हुए अब संवेदनशील इलाकों में आवास विकास, महाराणा प्रताप नगर और डड़ियापुरा का भी नाम जोड़ा गया है। हालांकि, नगरा और नई बस्ती अब डेंगू के संवेदनशील क्षेत्र नहीं रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया कि जिन इलाकों में डेंगू के मामले ज्यादा मिलते हैं, उन्हें संवेदनशील क्षेत्र घोषित कर लार्वी साइट का छिड़काव कराया जाता है।