बारिश से बेतवा पर बने बांध लबालब
झांसी। मध्य प्रदेश के भोपाल और आसपास क्षेत्रों में हो रही बारिश से बेतवा नदी उफान पर है। इस कारण राजघाट और माताटीला बांध से 4.35 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। माताटीला के सभी 23 गेट खुले हैं। सुकुवां ढुकुवां और पारीछा बांध से भी ओवर फ्लो (ऊपर से) होकर पानी नदी में जा रहा है। बेतवा नदी के आसपास किनारे के बसे गांवों में अलर्ट जारी है। लोगों को सावधान किया गया है कि वे बांध और नदी के किनारे न जाएं।
मध्य प्रदेश के भोपाल क्षेत्र में हो रही झमाझम बारिश से ललितपुर स्थित राजघाट और माताटीला बांध लबालब हो चुके हैं। नतीजतन, पिछले तीन दिन से राजघाट बांध अपने पूर्ण जलस्तर 370.90 मीटर के सापेक्ष 369.75 मीटर भरने के बाद से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। 15 अगस्त की शाम छह बजे से बांध के 18 गेट में 16 गेट 20 फीट पर खोलकर 4.35 लाख क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। राजघाट से माताटीला बांध तक आने वाली बेतवा नदी में चारों तरफ तेज धार से पानी आगे बढ़ रहा है। यही हाल माताटीला बांध का भी है। माताटीला बांध का जलस्तर 308.46 मीटर के सापेक्ष 307. 52 मीटर भरने के बाद से पानी छोड़ा जा रहा है। इस बांध से भी 15 अगस्त की शाम छह बजे से सभी 23 गेट 20 फीट पर खोलकर 4.35 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
वहीं, ढुकुवां बांध का जलस्तर 273.71 मीटर के सापेक्ष 274.35 मीटर व पारीछा बांध का जलस्तर 194.65 के सापेक्ष 194.65 पहुंचने पर दोनों बांधों से 12- 12 हजार क्यूसेक पानी बेतवा से जुड़ी नहरों व नदी में छोड़ा जा रहा है। ढुकुवां बांध के पानी से दतिया नहर के जरिये पहूज बांध का भी जलस्तर बढ़ाया जा रहा है।
इधर, झांसी जनपद में अब तक हुई वर्षा से धसान नदी पर बने पहाड़ी बांध का जलस्तर 195.93 मीटर की तुलना में 195.80 मीटर पहुंच गया है। इस बांध से 2390 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लहचूरा बांध का 182.27 मीटर की तुलना में 180.30 मीटर पहुंच गया है। मऊरानीपुर के निकट सपरार नदी से जुड़े सपरार बांध का जलस्तर 224.64 मीटर के सापेक्ष 221.16 मीटर पर पहुंच गया है। यह बांध भी भरने की कगार पर है। सपरार बांध से मऊरानीपुर क्षेत्र को जलापूर्ति मिलती है।
मालूम हो कि, मध्य प्रदेश के भोपाल से उद्गम होकर आने वाली बेतवा नदी का पानी सबसे पहले ललितपुर क्षेत्र में स्थित राजघाट बांध में रोका जाता है। इस बांध से छूटा पानी माताटीला बांध को भरता है। माताटीला बांध से छोड़ा गया पानी सुकुवां ढुकुवां व पारीछा बांध से होता हुआ उरई जालौन, हमीरपुर तक नहर के जरिये सिंचाई के लिए पहुंचता है। माताटीला बांध के पानी से ही झांसी महानगर व बबीना से झांसी मार्ग पर स्थित क्षेत्रों को जलापूर्ति होती है। अगर पूरे साल सिंचाई व पेयजल के लिए पर्याप्त पानी चाहिए तो राजघाट और माताटीला बांध का भरना जरूरी है। इन बांधों को भरने के लिए मध्य प्रदेश में बारिश होना जरूरी है।
मौसम खुशगवार, बांधों पर पहुंचे पर्यटक
बारिश से मौसम खुशगवार होते ही माताटीला, सुकुवां ढुकुवां और पारीछा बांध पर सैकड़ों की संख्या में पर्यटकों का पहुंचना शुरू हो गया है। माताटीला के गेट खुलने से यहां का विहंगम दृश्य लोगों को बेहद आकर्षित कर रहा है। खासतौर पर छुट्टी वाले दिन खासी भीड़ उमड़ रही है।
ललितपुर जिले का माताटीला बांध बुंदेलखंड के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। गर्मी की वजह से यहां वीराना पड़ा था। मगर, बारिश से बांध के चारों तरफ हरियाली हो गई है। धूप न निकलने से ठंडी हवाएं चल रही हैं। इससे यहां का मौसम खुशगवार बना हुआ है। यहां पर्यटकों का पहुंचना शुरू हो गया है। बांध पर लोग परिवार के साथ पिकनिक मना रहे हैं। बांध के पास बने बगीचों में घूमकर युवा हो चाहे बच्चे खेलकूद कर मौसम का आनंद ले रहे हैं।
बांध क्षमता जलस्तर
माताटीला 308.46 307.52
सुकुवां ढुकुवां 273.71 274.35
पारीछा 194.65 196.44
सपरार 224.64 221.16
पहाड़ी 195.93 195.80
लहचूरा 182.27 180.30
बड़वार झील 186.61 182.74
पहूज 234.09 233.54
डोंगरी 272.20 271.00
खपरार 273.00 271.45
(नोट- जलस्तर मीटर में)