फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होर्डंग के पीछे छप गए चौराहे, नजर नहीं आते डवाइडर

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। सड़कों पर अवैध होर्डिंग की भरमार ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चौपट कर रखी है। कई जगहों पर होर्डिंग इस तरह लगी है कि चौराहे उसके पीछे छिप गए। डिवाइडर तक नजर नहीं आते। कई जगह ट्रैफिक सिग्नल के ऊपर ही विज्ञापन बोर्ड लगा दिए गए लेकिन, इन सबके बावजूद निगम प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है।
विज्ञापन

सड़क पटरी पर होर्डिंग लगाने की साफ मनाही है। पूरे शहर में सिर्फ आठ जगहों पर गैंट्री लगाने की इजाजत है। इनमें जीवनशाह तिराहा के पास, ग्वालियर रोड मेें सत्यम गार्डन के पास, ग्वालियर रोड पेट्रोल पंप के पास, ग्वालियर रोड तिराहे के पास, बीकेडी के आगे, बीकेडी से आंतिया ताल की ओर जाने वाली सड़क के पास, खंडेराव गेट तहसील के पास एवं बिजौली नहर के पास गैंट्री लगाने का स्थान चिन्हित है लेकिन, महानगर में दो दर्जन से अधिक जगहों पर अवैध तरीके से गैंट्री लगाई गई है। कई जगह सड़कों के बीचों-बीच गैंट्री खड़ी की गई है। वहीं, मनाही के बावजूद होर्डिंग भी सड़क पटरी पर नजर आती है। इससे आने-जाने वालों को परेशानी उठानी पड़ती है। पैदल यात्रियों को भी दिक्कत होती है। सबसे व्यस्त इलाइट चौराहा के आसपास इसी तरह से होर्डिंग लगाई गई है। इसी तरह डिवाइडर पर भी गलत तरीके से स्टैंडी लगी हुई है। राजनीतिक दलों से जुड़े लोग अपना चेहरा चमकाने के लिए खतरनाक तरीके से यहां स्टैंडी लगा देते हैं। इलाइट चौराहे से चित्रा चौराहे के बीच अक्सर यह स्टैंडी बीच सड़क पर गिरी रहती हैं। इसी तरह ट्रैफिक लाइट के पास भी विज्ञापन बोर्ड लगा दिए गए हैं। बीकेडी चौराहा, चित्रा चौराहा समेत अन्य स्थानों पर इस तरह के बोर्ड दिखाई पड़ते हैं। लेकिन, इन सबके बावजूद नगर निगम प्रशासन इनके खिलाफ कोई अभियान नहीं चला पा रहा है।
अवैध होर्डिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्रिंटर्स को चेतावनी दी गई है कि फ्लैक्स बनवाने वाले का नाम जरूर दर्ज करें। अवैध होर्डिंग लगवाने वालों के खिलाफ भी अब कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

अवनीश कुमार राय, नगर आयुक्त
- चौराहों को घेरकर होर्डिंग लगा दिए जाते हैं। इस वजह से अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। कई बार शिकायत की लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं होती।
संतोष कुमार
- गलत तरीके से होर्डिंग लगे होने से पैदलयात्रियों को बहुत परेशानी होती है। यह बोर्ड सड़क पटरी पर ही लगा दिए जाते हैं। वाहन चालक भी अक्सर इस वजह से दुघर्टना के शिकार हो जाते हैं।
आनंद सिंह
- डिवाइडर पर लगाई स्टैंडी तेज हवा चलते ही सड़क पर गिर पड़ती है। लोग इससे उलझकर चुटहिल हो जाते हैं लेकिन, इनको समय पर नहीं हटवाया जाता। नगर निगम में शिकायत करने का भी कोई फायदा नहीं होता
हेमंत
होर्डिंगों ने पूरे शहर की सूरत बिगाड़ दी है। हर चौराहे पर राजनीतिक दलों से लेकर कंपनियों के होर्डिंग नजर आते हैं। कोई भी होर्डिंग सुरक्षित नहीं हैं। इनकी वजह से कभी भी गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं लेकिन, इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। गलत तरीके से होर्डिंग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन

प्रदीप नामदेव
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें