कोतवाली के ग्राम बड़ागांव के मजरा जगनपुरा में दलित समाज की जमीन पर ग्रामीणों द्वारा प्रधानमंत्री आवास का निर्माण किया जा रहा है। बुधवार को तहसील प्रशासन के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी ने पहुंचकर काम को रुकवा दिया। कोतवाली प्रभारी प्रेमचंद्र का कहना है यह जमीन दलित समाज के लिए आरक्षित है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि वह यहां पर काफी समय से रह रहे हैं।
बुधवार को मऊरानीपुर कोतवाली प्रभारी तहसील प्रशासन के निर्देश पर ग्राम बड़ागांव के मजरा जगनपुरा पहुंचे और ग्रामीणों के बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्य को रुकवा दिया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी का कहना है कि हरिजन आबादी की जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा था जिसे रुकवाने का आदेश तहसील प्रशासन द्वारा दिया गया, जबकि ग्राम बड़ागांव के मोहल्ला जगनपुरा निवासी लक्ष्मी प्रसाद, हरिशंकर, रामाधार, इंद्र प्रकाश, काशीराम, शिवचरण, दशरथ, ओमप्रकाश, मानिक लाल, आनंदी लाल सहित दो दर्जन लोगों ने प्रधान पर आरोप लगाते हुए बताया कि पात्रता की सूची के आधार पर उनका चयन प्रधानमंत्री आवास योजना में किया गया था। इसके चलते उन्हें आवास की राशि भी मुहैया कराई गई थी। लेकिन, ग्राम के प्रधान द्वारा आवास में सुविधा शुल्क न मिल पाने व प्रधान को चुनाव में वोट न देने से नाराज प्रधान ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के खाते पर रोक लगवा दी। साथ ही प्रशासन को गुमराह करते हुए कार्य को रुकवाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वह कई वर्षों से वहां पर निवास कर रहे हैं। उपजिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि उक्त जमीन हरिजन आबादी के लिए सुरक्षित है, इस पर यह लोग अनधिकृत कब्जा कि ए हुए है। गांव के लेखपाल द्वारा सूचना देने पर जांच करवाई गई। उक्त आवासों पर रोक लगाई गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास स्वयं की जमीन पर बनाए जाते हैं। ग्राम समाज या अन्य आबादी के लिए सुरक्षित जमीन पर नहीं। उन्होंने बताया कि उक्त ग्रामीणों से यह जमीन खाली करवाई जाएगी। साथ ही जब से वह कब्जा किए हुए है तबसे इनसे राजस्व भी वसूल किया जाएगा। यदि जमीन पर आवास बनाने का प्रयास किया तो इनके विरुद्घ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। इस बारे में ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी राजेंद्र सिंह का कहना है कि ग्रामीण वोट न देने की बात या पैसे मांगने का आरोप झूठा लगा रहे है वह जमीन हरिजन आबादी के लिए सुरक्षित है जो कार्रवाई की जा रही है वह तहसील प्रशासन के द्वारा की जा रही है व लेखपाल द्वारा रिपोर्ट दी गई है। इस कार्रवाई से उनका कोई लेना देना नहीं है।